Ashish-Shelar

    मुंबई. उद्योगपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के घर के पास पिछले माह मिली विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो का मालिक होने का दावा करने वाले मनसुख हिरेन (Mansukh Hiren) की मौत की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपने का आदेश ठाणे अदालत (Thane Court) ने दिया है। अब भाजपा (BJP) ने एनआईए से  पूरे मामले की जांच करने की मांग की है। भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री आशीष शेलार (Ashish Shelar) ने आरोप लगाया है कि सरकार के निर्देश पर हिरेन की मौत के सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया गया है। यही नहीं एटीएस (ATS) की जांच में रुकावट डालने की भी कोशिश की गयी थी।

    शुक्रवार को आयोजित पत्रकार परिषद में भाजपा नेता आशीष शेलार ने कहा कि मनसुख हिरेन की लाश मिलने से लेकर उनके पोस्टमार्टम होने तक अनेक स्थानों पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास किया गया। इस मामले की जांच एनआईए को सुपुर्द किए जाने के बाद हमने एक पत्र एनआईए को दिया है।  जिसमें इस पूरे मामले में  डॉक्टर, लेबोरेट्री के तकनीशियन, पुलिस,  निर्देश देने वाले, नेता सभी की जांच करने की मांग की गई है। 

    राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए

    ठाणे न्यायालय के निर्देश पर  राज्य की आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) ने एनआईए को सभी कागज पत्र एवं सबूत दिया है। शेलार ने राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि राज्य सरकार मनसुख हिरेन की हत्या जांच अपने पास क्यों रखना चाहती है? उन्होंने आरोप लगाया है कि इस मामले में राज्य सरकार, मंत्री एवं नेताओं के निर्देशानुसार बड़ा षडयंत्र रचा गया। सबूत नष्ट करना, सबूत से छेड़छाड़ करने, गुमराह करने का प्रयास सरकार की तरफ से किया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हिरेन के मुंह पर रुमाल था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसका उल्लेख नहीं है। आवश्यकता नहीं होने पर भी फॉरेन्सिक जांच करवाना, एटीएस की कार्रवाई में रुकावट डालना इस तरह के अनेक कार्य सरकार की तरफ से किया गया है। इसके पीछे कौन मंत्री है उसकी जांच किया जाना बहुत जरूरी है।