वरिष्ठ नागरिकों को बीसीजी का टीका

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी

मुंबई. कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने के लिए बीएमसी ने बुजुर्गों को बीसीजी का टीका लगाना शुरू कर दिया है. यह टीका ऐसे लोगों को लगाया जा रहा है जिनका इम्यून सिस्टम अच्छा नहीं है. कोरोना वायरस के संक्रमण से 50 वर्ष ज्यादा आयु वाले मरीजों की सबसे अधिक मौत हो रही है. उम्रदराज मरीजों की मृत्यु रोकने के लिए टीबी मरीजों को दिया जाने वाला बीसीजी का टीका लगाया जा रहा है. यह टीका 60 से  75 आयु के उन बुजुर्गों की सहमति लेकर दिया जाएगा जो एचआईवी अथवा कैंंसर रोग से ग्रसित नहीं हैं. 

बीएमसी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि विश्वभर में देखा गया है कि 50 वर्ष से अधिक आयु वालों को कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा रहता है. सबसे अधिक मौतें इसी आयु वर्ग के लोगों की हुई है. इस आयु के लोग कई बीमारियों से ग्रसित रहते हैं और उनके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है. ऐसे लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए बीसीजी का टीका लगा कर उनके इम्यून सिस्टम को बढ़ाया जा रहा है, जिससे वे संक्रमण से सुरक्षित रहें .बीसीजी का डोज छोटे बच्चों को दिया जाता है.  

उपयोगी साबित हो रहा 

बीसीजी टीके  छोटे बच्चों का टीबी से बचाव करता है. कोरोना वायरस को नष्ट करने में भी यह उपयोगी साबित हो रहा है. बीसीजी का टीका कोरोना मरीजों के लिए कितना उपयोगी साबित होता है. यह जानने के लिए आइसीएमआर संशोधन कर रहा है. इस टीके से मृत्युदर में कमी लाई जा सकती है तथा वरिष्ठ नागरिकों का कितना बचाव हो सकता है अध्ययन किया जा रहा है.  केईएम अस्पताल और बीएमसी स्वास्थ्य विभाग मिलकर करेंगे. अध्ययन के लिए अनुमति भी मिली थी. 

टीका अनेक  प्रकार के श्वसन रोगों से रक्षा करता है

बीसीजी टीका अनेक  प्रकार के श्वसन रोगों से रक्षा करता है.  अधिकारी ने बताया कि इसके लिए  250 व्यक्तियों का स्वयंसेवक के तौर पर चयनित किया गया है.  परेल, लालबाग, शिवडी, भोईवाडा, वर्ली , प्रभादेवी, लोअर परेल में इसकी जांच शुरु की गई थी जिसका दायरा बढ़ा कर पूरी मुंबई में कर दिया गया है.