पश्चिम रेलवे पर बीडीयु का प्रयास, 3,831 टन नमक का लदान

  • माल परिवहन से 3638 करोड़ की आय

मुंबई. पश्चिम रेलवे के ज़ोनल मुख्यालय और  विभिन्न मंडलों में गठित बीडीयु के माध्यम से माल ढुलाई से रेलवे की आय बढ़ाने प्रयास किए जा रहे हैं. इसी क्रम में पश्चिम रेलवे के राजकोट डिवीजन में खुले वैगनों में औद्योगिक नमक का लदान किया गया. सीपीआरओ सुमित ठाकुर के अनुसार, खुले वैगनों में औद्योगिक नमक की लोडिंग राजकोट मंडल के लवणपुर से की गई. लोडिंग का यह नया यातायात राजकोट डिवीजन की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के  प्रयासों से सम्भव हुआ. 

यह रेक जयपुर डिवीजन में अलवर गुड्स शेड के लिए बुक किया गया. औद्योगिक नमक का परिवहन 3,831 टन के भार के साथ 947 किलोमीटर की दूरी पर किया जा रहा है, जिससे लगभग 37.21 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. ठाकुर ने बताया कि 22 मार्च से लॉकडाउन से अब तक  चुनौतियों के बावजूद पश्चिम रेलवे पर मालगाड़ियों के 19,343 रेक लोड किए गए. इस अवधि में 41.32 मिलियन टन परिवहन किया गया.  मिलेनियम पार्सल वैन और मिल्क टैंक वैगनों के विभिन्न रेक दवाइयों, चिकित्सा किट, जमे हुए भोजन, दूध पाउडर और तरल दूध जैसी विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की मांग के अनुसार आपूर्ति करने के लिए उत्तरी और उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में भेजे गये. इन मालगाड़ियों के परिचालन से कुल 3638.56 करोड़ रुपए का राजस्व मिला.  1.59 लाख टन से अधिक विभिन्न अत्यावश्यक सामग्री का परिवहन पश्चिम रेलवे ने 632 पार्सल विशेष गाड़ियों के माध्यम से किया है, जिनमें कृषि उत्पाद, दवाइयां, मछली, दूध आदि मुख्य रूप से शामिल हैं.इससे 53.69 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई. इस अवधि के दौरान 109 मिल्क स्पेशल गाड़ियों को पश्चिम रेलवे द्वारा चलाया गया.   467 कोविड -19 विशेष पार्सल ट्रेनें भी विभिन्न आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए चलाई गईं. 

3070 करोड़ का नुकसान

कोरोना वायरस के कारण पश्चिम रेलवे पर यात्री राजस्व का कुल नुकसान लगभग 3070 करोड़ रुपये रहा है. उपनगरीय खंड के लिए 476 करोड़ रुपये और गैर-उपनगरीय के लिए 2594 करोड़ रुपये का नुक़सान शामिल है. टिकटों को रद्द कर 461 करोड़ रुपये के रिफंड दिए गए . मुंबई मंडल ने 224 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड किया है. 71.72 लाख यात्रियों ने पूरी पश्चिम रेलवे पर अपने टिकट रद्द कर दिए हैं.