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  • बीजेपी के हाथ से छिन सकती हैं 4 समितियां
  • कांग्रेस, सपा, एनसीपी को नहीं मिला चांस

मुंबई. बीएमसी की प्रभाग समितियों के चुनाव में भी शिवसेना और भाजपा के बीच ही आमने- सामने की लड़ाई होने वाली है. वैधानिक समितियों सहित विशेष समितियों के चुनाव में एनसीपी और समाजवादी पार्टी ने भले ही शिवसेना को पहली बार अपना वोट दिया हो, लेकिन फिलहाल इस बार की प्रभाग समितियों के चुनाव में उन्हें उसका कोई उपहार नहीं मिला. जिससे मनपा के सभी 17 वार्डो के चुनाव में शिवसेना और भाजपा में सीधा मुकाबला होगा. विपक्षी पार्टियों द्वारा चुनावी मैदान में न उतरने से यह साफ हो गया है कि भाजपा के कब्जे में 9 प्रभाग समितियों में से 4 छिन सकती हैं. बीजेपी के पास इस बार मात्र 5 समितियों के आने की संभावना है, जबकि एस और टी वार्ड में शिवसेना और विपक्ष को मिलाकर दोनों के समान वोट होने से यहां पर चुनाव चिठ्ठी से होना तय हो गया है. शिवसेना के इस बार 11 समिति अध्यक्ष चुना जाना तय हो गया है. 

पिछली बार बीजेपी को 9 अध्यक्ष पद मिला था 

बीएमसी की 17 प्रभाग समितियों में पिछली बार बीजेपी को 9 अध्यक्ष पद मिला था जबकि शिवसेना के पास 8 प्रभाग आए थे. प्रभाग समिति अध्यक्षों का चुनाव बुधवार 14 अक्टूबर से शुरू होगा और शुक्रवार 16 अक्टूबर को खत्म होगा. राज्य में महाविकास आघाडी की सरकार बनने के बाद मनपा में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला. मनपा की विपक्षी पार्टी कांग्रेस, एनसीपी और समाजवादी पार्टी ने शिवसेना को अपना समर्थन दिया. कांग्रेस ने जहां मनपा की वैधानिक समितियों सहित विशेष समितियों के चुनाव में तटस्थ रहकर शिवसेना को समर्थन दिया वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने पहली बार शिवसेना को अपना वोट दिया.

भाजपा की संख्या घट जाएगी

 प्रभाग समिति अध्यक्ष चुनाव में कयास लगाया जा रहा था कि जहां पर कांग्रेस, एनसीपी और सपा के अधिक सदस्य हैं, वहां पर शिवसेना उन्हें अपना समर्थन देकर वैधानिक समितियों में साथ देने के बदले उपहार स्वरूप प्रभाग समिति देगी. वैधानिक और विशेष समितियों में शिवसेना को दिए वोट का उन्हें भी फायदा मिलेगा, लेकिन प्रभाग समितियों के चुनाव में ऐसा कुछ नहीं हुआ. शिवसेना और भाजपा के आमने- सामने  की टक्कर होने और एक बार  फिर विपक्षी पार्टी द्वारा शिवसेना को अपना समर्थन देने के कारण यह साफ हो  गया है कि अब मनपा प्रभाग समिति अध्यक्ष पर भाजपा की संख्या घट जाएगी और शिवसेना अपनी ताकत प्रभागों में मजबूत करेगी. बीएमसी  के कुल 17 प्रभागों में भाजपा की झोली में मात्र 5 प्रभाग आएगा. एक मात्र मुलुंड और भांडुप एस और टी प्रभाग में भाजपा के 10 और शिवसेना के 8 सहित कांग्रेस और एनसीपी का एक-एक सदस्य होने के कारण किसी सदस्य का वोट अवैध नहीं हुआ, कोई क्रॉस वोटिंग नहीं हुई और कांग्रेस, एनसीपी ने शिवसेना को अपना वोट दिया तो भी यहां चुनाव बराबरी का होगा और अध्यक्ष का चुनाव चिठ्ठी से होगा.

सभी पार्टियां रणनीति बनाने में जुटीं

फरवरी 2022 में  होने वाले  बीएमसी के आम  चुनाव को लेकर सभी पार्टियां अभी से अपनी रणनीति बनाने में जुट गई हैं. अप्रैल 2021 में दोबारा होने वाले समितियों के चुनाव में विपक्षी पार्टी अपना हिस्सा मांग सकती हैं. उस समय शिवसेना का क्या रूख होगा यह तो समय ही तय करेगा.

प्रभागवार उम्मीदवारों की सूची

1.   ए  बी और ई वॉर्ड बीजेपी, मकरंद नार्वेकर और शिवसेना, रामाकांत रहाटे.  

2. सी एंड डी वॉर्ड मीनल पटेल, बीजेपी,

 3.  एफ दक्षिण एफ उत्तर वॉर्ड नेहल शाह, बीजेपी और रामदास कांबले, शिवसेना.

4. जी दक्षिण वॉर्ड दत्ता नर्वाणकर, शिवसेना. 

5. जी उत्तर वॉर्ड जगदीश थैवप्पिल, शिवसेना.

6. एच पूर्व एच पश्चिम वॉर्ड हेतल गाला, बीजेपी और प्रज्ञा भूतकर, शिवसेना.

7. के पूर्व वॉर्ड अभीजीत सामंत,बीजेपी और प्रियंका सामंत, शिवसेना. 

8. के पश्चिम वॉर्ड  सुधा सिंह, बीजेपी और राजू पेंडेकर, शिवसेना.

9. पी दक्षिण वॉर्ड  हर्ष पटेल, बीजेपी.

10. पी उत्तर  वॉर्ड दक्षा पटेल ,बीजेपी और संगीता सुतार, शिवसेना.

11. आर दक्षिण वॉर्ड लीना पटेल, बीजेपी और एकनाथ शंकर, शिवसेना.

12. आर उत्तर, आर मध्य वॉर्ड आसावरी पाटिल, बीजेपी और सुजाता पाटेकर, शिवसेना.

13. एल वॉर्ड आकांक्षा शिवसेना.

14.  एन वॉर्ड बिंदु त्रिवेदी, बीजेपी और स्नेहल मोरे शिवसेना.

15. एम पश्चिम वॉर्ड महादेव शिवगण, बीजेपी.

16. एस एंड टी वॉर्ड जागृति पाटिल, बीजेपी और दीपमाला बढ़े, शिवसेना.

17. एम पूर्व  वॉर्ड विठ्ठल लोकरे, शिवसेना.