BMC new initiative in the new year

– 72 घंटे में हाजिर नहीं होने पर होंंगे बरखास्त

मुंबई. कोरोना संकट काल के समय बीमारी का बहाना बना कर ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को 72 घंटे के भीतर काम आने का अल्टीमेटम दिया है. बीएमसी ने कहा है कि यदि कर्मचारी काम पर नहीं आते हैं तो उन्हें बीएमसी की सेवा से बरखास्त कर दिया जाएगा.

  बीएमसी  चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में काम करने वाले बीएमसी कर्मचारियों को 72 घंटे के भीतर चिकित्सा प्रमाणपत्र  जमा करने का आदेश दिया है. बीएमसी के सर्कुलर में कहा गया है कि जिस कर्मचारी ने स्वयं घोषित प्रमाणपत्र दिया है यदि उसमें दी गई जानकारी झूठी निकली तो कठोर कार्रवाई की जाएगी. जिन कर्मचारियों ने बीमारी होना घोषित किया है उन्हें चिकित्सक का सार्टिफिकेट देना पड़ेगा. 

 कई कर्मचारी अनुपस्थित 

बीएमसी ने 30 जून तक का समय दिया है.  बीएमसी के 4 प्रमुख अस्पताल, 16 फेरिपेरयल अस्पताल,  उपनगरीय अस्पताल, प्रसूतीगृह, दवाखानों में अनवरत स्वास्थ्य सुविधा शुरू होने के बाद भी कई कर्मचारी अनुपस्थित हैं. बीएमसी ने अनुपस्थित कर्मचारियों को ड्यूटी पर आने के लिए पहले भी नोटिस जारी किया था, लेकिन कर्मचारी काम पर नहीं लौटे जिसके बाद बीएमसी प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी कि यदि अनुपस्थित कर्मचारी 72 घंटे के भीतर उपस्थित नहीं हुए तो उन्हें नौकरी से बरखास्त कर दिया जाएगा. बीएमसी की इस नोटिस के बाद अनुपस्थित कर्मचारी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र लेकर परेल कार्यालय में जमा हुए. जिन कर्मचारियों, अधिकारियों ने  बीमारी का उल्लेख नहीं किया है उन्हें चिकित्सा प्रमाण पत्र देने की आवश्यकता नहीं है. जिन्होंने बीमार होने का उल्लेख किया है उनसे चिकित्सा प्रमाण पत्र मांगा गया है. बीएमसी ने पहले ही 55 वर्ष की आयु से ऊपर वाले कर्मचारियों जिन्हें शूगर, ब्लड प्रेशर, डायलिसिस अथवा कोई दूसरी बीमारी से पीड़ित हैं उन्हें काम पर आने से पहले ही  छूट प्रदान की  है.