पश्चिम रेलवे पर ट्रेस पासिंग के खिलाफ अभियान

  • दुर्घटना के मामलों में आयी कमी

मुंबई. पश्चिम रेलवे पर ट्रेसपासिंग के विरुद्ध नियमित अभियान चला  कर पटरी पार करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई हो रही है. वर्ष 2019 में ट्रेस पासिंग के 16,060 मामले दर्ज़ किए गए,जबकि वर्ष 2020 (जनवरी से जुलाई) तक ट्रेसपास के मामलों में कमी आयी और 4,472 मामले दर्ज़ किए गए.इसके लिए  529 एमएसएफ और 350 आरपीएफ स्टाफ भीड़ नियंत्रण के लिए स्टेशनों पर तैनात किए गए हैं. वे ट्रेन की छत पर और डिब्बों के बीच यात्रा करने वालों पर भी नज़र रखते हैं.

सीपीआरओ सुमित ठाकुर के अनुसार पश्चिम रेलवे के मुंबई उपनगरीय सेक्शन में पटरी पार करने के कारण व्यक्तियों के कुचले जाने और घायल होने के मामलों में कमी आई है. पश्चिम रेलवे के जीएम आलोक कंसल ने विशेष रूप से मुंबई के उपनगरीय सेक्शन को प्रभावित करने वाली इस गम्भीर समस्या के निदान की जिम्मेदारी उठाई है.सुमित ठाकुर के अनुसार स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने तथा ट्रेसपासिंग से बचने के लिए पश्चिम रेलवे के मुंबई उपनगरीय सेक्शन में पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान 20 नये एफओबी, 9 नये एस्केलेटर्स तथा नई लिफ्ट की व्यवस्था की गई है. 

पहले 6 महीनों में अब तक 9 नये एफओबी यात्रियों के लिए खोले जा चुके हैं, जबकि 2 नये एस्केलेटरों को शीघ्र ही खोला जायेगा.पश्चिम रेलवे के सभी 145 उपनगरीय प्लेटफाॅर्मों की ऊंचाई बढ़ाई गई है, जिससे गैप में गिरने से होने वाली मृत्यु का आंकड़ा नहीं के बराबर है. चर्चगेट – विरार सेक्शन पर स्टेशन एरिया में दो ट्रैकों के बीच डिवाइडर फेंसिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे लोग ट्रैक क्रॉस करके एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर न जा सकें.ट्रेसपासिंग करने का अन्य मुख्य कारण रेलवे ट्रैक के किनारे अतिक्रमण का मौजूद होना है.978 अतिक्रमण हटाये गए.

चर्चगेट-विरार सेक्शन की कुल लम्बाई के 75.44 प्रतिशत भाग में बाउंड्री वॉल मौजूद है. पिछले कुछ वर्षों में 16.53 किलोमीटर लम्बी बाउंड्री वॉल का निर्माण किया गया है.17.10 किलोमीटर के शेष भाग के लिए नई बाउंड्री वॉल के निर्माण का कार्य किया जा रहा है.ट्रैक के निकट बने स्ट्रक्चरों एवं ओएचई मास्ट या तो हटा दिए गए हैं, अथवा उन्हें स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे  फुटबोर्ड पर यात्रा करने वाले यात्रियों को चोट लगने की सम्भावना से बचा जा सके. 

ठाकुर ने बताया कि सुरक्षित यात्रा की अपील का संदेश देने हेतु भारत रत्न सचिन तेंदुलकर, जॉन अब्राहम, जैकी श्रॉफ जैसी  शख्सियतों को भी शामिल किया गया है. आरपीएफ ने ट्रेसपासिंग रोकने के लिए “यमराज” नामक एक अनूठे अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान के अंतर्गत आरपीएफ-एमएसएफ कर्मचारी यमराज की वेशभूषा में होते हैं तथा ट्रेसपासिंग करने वाले व्यक्तियों को पकड़ते हैं और उन्हें काउंसिल करते हैं. रेलवे ट्रैक पार करने के सम्बंध में स्टेशनों, स्कूलों, और झुग्गी-झोपड़ियों में जागरूकता अभियान चलाया जाता है. “मिशन ज़ीरो डेथ” के साथ आगे बढ़ने हेतु पश्चिम रेलवे पर प्रयास किए जा रहे हैं.