बीजेपी नेताओं के कॉन्ट्रैक्ट की करो जांच

  • कांग्रेस प्रवक्ता सावंत की मांग
  • ईडी की कार्रवाई 'ऑपरेशन लोटस' की शुरुआत
  • सरनाइक पर कार्रवाई राजनीति से प्रेरित

मुंबई. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बीजेपी नेताओं को दिए गए कॉन्ट्रैक्ट की भी जांच करनी चाहिए. यह मांग कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने की है. उन्होंने कहा कि साल 2014 से बीजेपी की  केंद्र सरकार विपक्ष के खिलाफ ईडी, सीबीआई और आयकर एजेंसियों का दुरुपयोग किया है. 

सावंत ने पूछा है कि ईडी उन बीजेपी नेताओं की जांच क्यों नहीं कर रहा है, जिन्होंने टॉप्स सिक्योरिटी कंपनी को ठेका दिया था. उन्होंने कहा कि साल 2013 में  एमएमआरडीए ने अनुबंध के आधार पर निजी सुरक्षा गार्ड प्रदान करने के काम को आउटसोर्स करने का निर्णय लिया था. इस तरह के फैसलों को लेने के लिए कंपनियों का एक पैनल बनाया गया था. जिसके बाद साल 2014 में यह अनुबंध किए गए थे. 

 

…तो फिर साला 2017 में फिर से उसी कंपनी को ठेका कैसे दे दिया

सावंत ने कहा है कि ईडी को इसकी भी जांच करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बीजेपी नेता किरीट सोमैया के उस दावे को भी ख़ारिज कर दिया, जिसमें 175 करोड़ रुपए का ठेका मिलने का दावा किया गया है. सावंत ने कहा अभी तक टॉप्स कंपनी को लगभग 22.47 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है. उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में भ्रष्टाचार था, तो फिर साला 2017 में फिर से उसी कंपनी को ठेका कैसे दे दिया. अगर इस लेन-देन में रिश्वत का भुगतान किया गया था तो यह अनुबंध क्यों दिया गया. इन सभी सवालों का जवाब पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को देना चाहिए.

सरनाइक पर बदले की कार्रवाई

सावंत ने कहा कि शिवसेना विधायक प्रताप सरनाइक पर ईडी की कार्रवाई पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है. उन्होंने कहा कि जब यह कॉन्ट्रेक्ट दिया गया तो फडणवीस सीएम थे. ऐसे में क्या सरनाइक सीएम से भी ज्यादा पावरफुल थे कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही थी. सावंत ने कहा कि ईडी की कार्रवाई कर बीजेपी महाराष्ट्र में ऑपरेशन लोटस की फिर से शुरुआत करना चाहती है.