CM Uddhav Thackeray will address the public at 1 o'clock, will he speak on Kangana or will he remain silent? Watch only on 'Navbharat Digital'

  • बीएमसी चुनाव में फायदा, बीजेपी को टक्कर देने की तैयारी

मुंबई. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मेट्रो कार शेड को गोरेगांव की आरे कॉलोनी से कांजुरमार्ग शिफ्ट करने का फैसला लिया है. जानकारों के मुताबिक़ ठाकरे ने मास्टर स्ट्रोक साल 2022 में  होने वाले बीएमसी चुनाव के मद्देनज़र खेला है. आरे कॉलोनी के फारेस्ट एरिया में प्रस्तावित कार शेड का पिछले साल लोगों ने उस समय विरोध शुरू किया था, जब शिवसेना महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार के साथ शामिल थी. उस समय उद्धव ठाकरे ने सरकार के फैसले के विपरीत आंदोलनकारियों का सपोर्ट करते हुए कहा था कि महाराष्ट्र में शिवसेना की सरकार आने के बाद आरे कॉलोनी में कारशेड बनाने के फैसले को रद्द कर दिया जाएगा. 

शिवसेना के युवा नेता आदित्य ठाकरे ने भी आंदोलनकारियों का साथ देते हुए आरे कॉलोनी में कारशेड बनाए जाने का विरोध किया था. बाद में बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ कर शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के सहयोग से महाराष्ट्र में सत्ता की कमान अपने हाथ में संभाल ली. ऐसे में मुख्यमंत्री ठाकरे पर इस कारशेड को शिफ्ट किए जाने का दवाब बढ़ गया था. आखिरकार सरकार के करीब 10 महीने पूरा होने के बाद ठाकरे सरकार ने इस कार शेड को कांजुरमार्ग में सरकारी जमीन पर शिफ्ट करने का फैसला ले लिया है.

 वोट बैंक मजबूत 

लोगों के भारी विरोध के बावजूद फडणवीस सरकार आरे कॉलोनी में कारशेड बनाए जाने के फैसले पर टिकी हुई थी, वहीं ठाकरे सरकार ने इसे पलट कर उन लोगों को अपने साथ कर लिया है, जो आरे कॉलोनी के कार शेड के विरोध में थे. जानकारों का कहना है कि ठाकरे सरकार के इस फैसले का उन्हें बीएमसी के साल 2022 में होने वाले चुनाव में फायदा मिल सकता है. आरे कॉलोनी में कारशेड का विरोध करने वाले लोगों में काफी संख्या युवाओं की है. ऐसे में आदित्य ठाकरे ने भी इन युवाओं का साथ देकर पार्टी के वोट बैंक को मजबूत करने का काम किया है.    

अपने बल पर चुनाव की तैयारी 

बीएमसी में पिछले कई सालों से राज कर रही शिवसेना को पता है कि साल 2022 का चुनाव उन्हें अपने दम पर लड़ना है. इस चुनाव में शिवसेना का सीधा मुकाबला बीजेपी से होगा. शिवसेना के साथ उनकी सहयोगी दल कांग्रेस और एनसीपी साथ हो सकती है, लेकिन इन दोनों दलों की स्थिति मुंबई में मजबूत नहीं है. ऐसे में अगला बीएमसी चुनाव पूरी तरह से  ठाकरे बनाम फडणवीस होगा और इस चुनाव के परिणाम साल 2024 में होने वाले विधानसभा चुनाव के गोल को भी सेट करेंगे. ऐसे में राजनीति के मैदान में फडणवीस को पटखनी देने के लिए ठाकरे ने अभी से कमर कस ली है.