6000 students currently denied admission in Mumbai
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    मुंबई. शिक्षा विभाग (Education Department) ने 10वीं के रिजल्ट का फॉर्मूला घोषित कर दिया साथ ही में 11वीं में एडमिशन (Admission in 11th) के लिए सीईटी (CET) का विकल्प भी विद्यार्थियों (Students) को दिया है, लेकिन एडमिशन को लेकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों में अब भी कंफ्यूजन है। दरअसल शिक्षा विभाग ने सीईटी देने वाले विद्यार्थियों को 11वीं में एडमिशन के लिए प्राथमिकता दी है। उसके बाद इंटरनल असेसमेंट के आधार में पास हुए विद्यार्थियों को संधि देने की बात कही है। प्रवेश प्रक्रिया के इस शर्त को लेकर ही सवाल उठ रहे हैं।

    इंडिया वाइड पैरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुभा सहाय ने कहा कि सीईटी के विद्यार्थियों को पहले प्राथमिकता उसके बाद इंटरनल असेसमेंट द्वारा पास हुए विद्यार्थियों को, लेकिन उन विद्यार्थियों को कब मौका मिलेगा जो इंटरनल असेसमेंट से ना खुश हैं और विशेष परीक्षा दे कर पास होंगे? क्या उन्हें सीईटी देने वाले विद्यार्थियों को पहले मौका दिया जाएगा? यह विशेष परीक्षा कब होगी? इसके अलावा यह भी प्रश्न बना हुआ है कि सीईटी की परीक्षा का सेंटर कहां होगा? ऑनलाइन क्यों न परीक्षा ली जाए? यह सभी सवालों को लेकर शिक्षा विभाग को स्पष्टिकरण देने की जरूरत है। 

    अब भी कुछ पेंच फंसे है 

    राज्य गैर-अनुदानित स्कूल प्रिंसपल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संजय डावरे ने कहा कि शिक्षा विभाग ने जो निर्णय लिया वो उन्हें काफी पहले ले लेना चाहिए था। देर आई दुरुस्त आई, लेकिन एडमिशन को लेकर अब भी कुछ पेंच फंसे है जिन्हें सुलझाने की जरूरत है। वैसे तो इंटरनल असेसमेंट के जरिए रिजल्ट निकालना सही नहीं है, लेकिन कोरोना महामारी को देखते हुए हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।