कांग्रेस अस्तित्व बचाने कर रही कृषि बिल का दुष्प्रचार

  • बीजेपी ने साधा निशाना

मुंबई. महाराष्ट्र बीजेपी प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह अपने अस्तित्व को बचाने के लिए कृषि और श्रम बिल का दुष्प्रचार कर रही है, जबकि संसद में मंजूर बिल किसानों और श्रमिक वर्ग के कल्याण में मील का पत्थर साबित होने वाला है. उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि देश की जनता इनके बहकावे में आने वाली नहीं है.

उपाध्ये ने कहा कि किसानों और श्रमिकों की अनेक वर्षों से प्रलंबित मांगे पूरी हुईं हैं. वर्ष 2014 में सत्ता हासिल करने के बाद से आज तक मोदी सरकार ने श्रमिकों के कल्याणार्थ अनेक उपाय योजनाओं की शुरुआत की है. अब इस बिल से उनके जीवन में काफी कुछ बदलाव होना है. उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा को देखते हुए ईपीएफओ, ईएसआईसी, निर्माण क्षेत्र के कामगार, मातृत्व लाभ, ग्रैच्युटी और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा की संकल्पना अब साकार रूप ले रही है. मोदी सरकार ने महिलाओं के लिए मातृत्व छुट्टी की कालावधि 12 सप्ताह से बढ़ा कर 26 सप्ताह किया है. प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजनाअंतर्गत महिलाओं को खनन क्षेत्र में भी काम करने की अनुमति दी गई है. 

बिल में अनेक व्यवस्था की गई 

उपाध्ये ने कहा कि छोटे किसानों के उत्पादन को अच्छी कीमत दिलाने के लिए कृषि बिल में अनेक व्यवस्था की गई है. छोटे किसानों के बैंक खाते में सीधे किसान सम्मान की रकम भेजने की व्यवस्था मोदी सरकार ने की है. कांग्रेस को डर है कि मोदी सरकार इसी तरह के निर्णय लेती रही तो उसका अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा, इसके लिए दुष्प्रचार किया जा रहा है.