एमटीएचएल पर मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण, संभावनाएं तलाश रहा एमएमआरडीए

    मुंबई. मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी की बहुउद्देश्यीय परियोजना मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक पर मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। एमएमआरडीए (MMRDA ) मुंबई के दक्षिणी हिस्से को नवी मुंबई से जोड़ने की योजना पर कार्य कर रही है। एमटीएचएल देश का सबसे बड़ा निर्माणधीन समुद्री ब्रिज है। यह 21.8 किलोमीटर लंबा 6 लेन का सड़क पुल है जो मुंबई (Mumbai) में शिवडी (Sewri) और नवी मुंबई (Navi Mumbai) में चिरले के बीच बनाया जा रहा है। परियोजना की परिकल्पना लगभग 35 साल पहले की गई थी। 2006, 2007 और 2013 में सरकार द्वारा विभिन्न तरीकों से काम शुरू करने के तीन प्रयास सफल नहीं हुए।

    फिलहाल एमटीएचएल (MTHL) का लगभग 40 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना के सितंबर 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। बताया गया कि पिछले सप्ताह मुंबई की प्रमुख इंफ्रा परियोजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान एमटीएचएल पर मेट्रो कॉरिडोर बनाने की संभावना को लेकर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एमएमआरडीए को इस योजना को लेकर अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। 

    सीएम ठाकरे ने इस योजना को लेकर सकारात्मक

    एमएमआरडीए के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एमएमआरडीए प्रमुख एसवीआर श्रीनिवास ने स्वयं सुझाव दिया कि एमटीएचएल पर मेट्रो लाइन की संभावना की जांच की जानी चाहिए। सीएम ठाकरे ने इस योजना को लेकर सकारात्मक हैं। एमएमआरडीए आयुक्त श्रीनिवास के मार्गदर्शन में अब इस बात की जांच की जाएगी कि क्या सी लिंक पर मेट्रो कॉरिडोर बनाना संभव होगा।

    सीधे नवी मुंबई से जुड़ जाएगा

    बताया गया है कि यदि संभव हुआ तो मेट्रो लाइन के लिए एमटीएचएल पर अतिरिक्त निर्माण की कोई आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि केवल ट्रैक जोड़ना होगा। वर्ली-शिवडी भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर पहले से ही बनाया जा रहा है। शिवडी मेट्रो स्टेशन एमटीएचएल को जोड़ेगा, जिससे यह सीधे नवी मुंबई से जुड़ जाएगा। एक अन्य अधिकारी के अनुसार इस योजना से परिवहन के अन्य साधनों पर दबाव कम होगा। एमटीएचएल पर मेट्रो लाइन बहुत उपयोगी होगी। इससे रायगढ़, नवी मुंबई और पुणे की ओर दक्षिण मुंबई से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सुलभ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली उपलब्ध हो सकेगी।