Sero survey

    मुंबई. मुंबई में कोरोना (Corona) के बढ़ते मरीजों को देख मनपा ने शहर में एक बार फिर सिरो सर्वे (Siro Survey) शुरू कर दिया है। इसके लिए मनपा ने 12000 मुंबईकरों के सैंपल (Sample) भी ले लिए है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो इस सर्वे से मुंबईकरों में वायरस का प्रसार कहां तक हुआ है और कितनों को इसकी भनक तक नहीं पड़ी यानी वायरस से लड़ने के लिए लोगों के शरीर में एंटी बॉडीज (हर्ड इम्युनिटी) विकसित हो गई है।

    सीरो सर्वे में व्यक्ति का ब्लड सैम्पल लेकर एंटीबॉडी टेस्ट किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति कोरोना से ग्रसित होकर खुद से ठीक हो गया है तो सीरो सर्वे के तहत उसके बॉडी में विकसित हुए एंटीबॉडी के बारे में जानकारी मिल सकेगी। इससे कम्युनिटी स्तर पर कोरोना का कितना फैलाव हुआ है पता चल सकेगा। 

    जुलाई 2020 में किया था पहला सर्वे 

    गौरतलब है कि मनपा ने जुलाई 2020 में शहर में पहल सिरो सर्वे किया था, जिसमें स्लम में 57 प्रतिशत, नॉन स्लम में 16 प्रतिशत और दूसरे सीरो सर्वे में स्लम में केवल 27 प्रतिशत और नॉन स्लम में 18 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडीज पाई गई थी। मनपा के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी ने बताया कि हमने सभी वार्ड से उनक जन संख्या के अनुसार सैंपल इक्कठा कर लिए है। कुल 12000 मुंबईकरों के सैंपल लिए गए है।

    राज्य में 5210, मुंबई में 761 नए मरीज मिले

     मुंबई सहित राज्य में पिछले 11 दिनों बाद कोरोना के नए मरीजों की संख्या में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को राज्य में 5210 नए मरीज मिले और 18 मौत दर्ज की गई है, जबकि मुंबई  में 761 नए मरीज मिले और 4 मरीजों की मृत्यु कोरोना के कारण हुई है। बता दें कि रविवार को ही राज्य में 6971 और मुंबई में 921 नए मरीज मिले थे। कोरोना की बढ़ती संख्या को देख प्रशासन अलर्ट मोड़ पर हो गया है, लेकिन सोमवार को नए मामलों में हल्की गिरावट हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो यदि संख्या आगे भी कम होती है तो यह अच्छे संकेत होंगे, लेकिन फिलहाल कुछ कह नहीं सकते है। राज्य में अब कुल कोरोना मरीजों की संख्या 21 लाख 6 हजार 94 हो गई है, जिसमें से 3 लाख 1 हजार 593 मरीज मुंबई के है। अबतक इस बीमारी से कुल 51806 की मौत हुई है, जिसमें से 11446 मौत मुंबई में हुई है।

    मामलों में वृद्धि के बाद हमने तीसरा सीरो सर्वे शुरू कर दिया है। इससे हमें पता चलेगा कि कौन से क्षेत्र में वायरस का ज्यादा प्रभाव है। उस हिसाब से हम आगे की रणनीति बना सकते है। उदहारण के तौर पर किसी वार्ड में ज्यादा प्रभाव दिखता है तो वहां सर्विलांस बढ़ा दी जाएगी, लॉकडाउन की जरूरत पड़ी तो वो भी निर्णय लिया जाएगा। यदि मामले और बढ़ते है तो उक्त वार्ड में पहले वैक्सीनेशन शुरू कर सकते है।

    -डॉ. मंगला गोमरे, कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी, मनपा