9211 new cases of corona in Maharashtra

– मरीजों की संख्या दो गुना होने की अवधि बढ़ कर हुई 100 दिनसे अधिक

– हर रोज मिलने वाले मरीजों की संख्या घटकर हुई 10 

मुंबई. मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में कोरोना का असर लगातार कम हो रहा है. कोरोना मरीजों की संख्या दो गुना होने की कालावधि लगातार बढ़ रही है.बांद्रा पूर्व इलाका शुरु में कोरोना का हॉट स्पॉट बन गया था. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ तक कोरोना वायरस की पहुंच से प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी.लेकिन अब इस इलाके में कोरोना काबू में है. 

मनपा का एच पूर्व वार्ड कोरोना के मरीजों की संख्या के मामलों में भले ही अभी भी बारहवें स्थान पर है लेकिन मरीजों की संख्या दो गुना होने की कालावधि बढ़ कर 100 दिन से अधिक हो गयी है.मरीजों की संख्या में इजाफा न हो इसके लिए मनपा अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़े व्यक्ति विशेष ध्यान दे रहे हैं. हालांकि एच पूर्व वार्ड में कोरोना की वजह से अब तक 279 लोगों की मौत हो चुकी है.

कोरोना का प्रभाव तेजी से फैला

अप्रैल महीने में  मनपा के एच पूर्व वार्ड क्षेत्र अंतर्गत बांद्रा के बेहरामपाड़ा, गोलीबार रोड, सांताक्रूज एवं आस पास के इलाकों में कोरोना का प्रभाव तेजी से फैला.एक समय ऐसा भी आया जब लगा कि कोरोना के मामले में यह वार्ड मुंबई के अन्य इलाकों को पीछे छोड़ देगा. कलानगर स्थित मुख्यमंत्री के निवास मातोश्री के पास एक चाय वाले को कोरोना होने से सभी सुरक्षा कर्मियों को क्वारंटाइन करना पड़ा था.मुख्यमंत्री के कुत्ते की देखभाल करने वाला भी संक्रमण का शिकार हुआ था, लेकिन संयुक्त प्रयास के जरिए बांद्रा, सांताक्रूज एवं आस पास के इलाकों में कोरोना को काबू करने में सफलता मिली है.    

के-पूर्व वार्ड नंबर वन पर बना हुआ है

मुंबई महानगर पालिका क्षेत्र में अब तक 72 हजार 287 कोरोना के मरीज मिले हैं.जिसमें अंधेरी एवं जोगेश्वरी पूर्व इलाकों में 5097 मरीजों के साथ के-पूर्व वार्ड नंबर वन पर बना हुआ है.धारावी वाला वार्ड जी-उत्तर 4688 मरीजों के साथ दूसरे नंबर पर है जबकि तीसरे नंबर वाले के-पश्चिम वार्ड में 4352 मरीज हैं.मरीजों के मामले में चौथे नंबर पर पी उत्तर बना हुआ है.इस वार्ड में 4157 मरीज हैं. एल को पीछे छोड़ एस वार्ड 4096 मरीजों के साथ पांचवें नंबर नंबर पर पहुंच गया है.एल वार्ड में कोरोना मरीजों की संख्या 3942 है.जबकि एच पूर्व वार्ड में अब तक 3264 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं.इनमें से 2349 मरीज ठीक हुए हैं,जबकि 636 का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में किया जा रहा है.बांद्रा, सांताक्रूज पूर्व इलाके में कोरोना की वजह से 279 की मौत हुई है.

एच पूर्व  वार्ड में कोरोना मरीजों के बढ़ने की तीव्रता 0.6 प्रतिशत

 बांद्रा एवं आस पास के इलाकों में घनी बस्ती है. मजदूरों का बहुत बड़ा हिस्सा इसी इलाके में रहता है. झोपड़पट्टी की तंग गलियों की वजह से सोशल डिस्टनसिंग का पालन करना मुंबई के दूसरे इलाकों की अपेक्षा मुश्किल लग रहा था.लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से मजदूरों सहित अन्य लोगों को उनके गांव जाने की अनुमति मिलने के बाद बेहरामपाड़ा, गोलीबार रोड, गांवदेवी, नवपाड़ा,सांताक्रूज की विभिन्न झोपड़पट्टियों में रहने वालों का तेजी से पलायन हुआ.भीड़ कम होने से भी कोरोना के फैलाव में काफी हद तक ब्रेक लगा.कुर्ला एवं आस पास के इलाकों में हर रोज मिलने वाले कोरोना मरीजों की संख्या लगातार घट रही है. पिछले 18 जून को एच पूर्व वार्ड में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 3070 थी.हर रोज 15 से 25 नए मरीज मिल रहे हैं.जिससे अब यह संख्या 3264 हो गई  है.एच पूर्व  वार्ड में कोरोना मरीजों के बढ़ने का दर 0.6 प्रतिशत है.कोरोना के प्रादुर्भाव को लेकर किए गए अध्ययन में यह तथ्य सामने आया कि झोपड़पट्टियों में सार्वजनिक शौचालयों की वजह से कोरोना बढ़ रहा है जिसको देखते हुए 200 से अधिक सार्वजनिक शौचालयों में स्पर्श विरहित फुट पैडल टाइप सेनिटाइजर यूनिट लगाया गया.

बांद्रा एवं सांताक्रूज के इलाकों में संयुक्त प्रयास से कोरोना को काबू करने में सफलता मिली है.इसमें मनपाकर्मियों एवं पुलिस जवानों की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन अभी खतरा पूरी तरह से टला नहीं है.इसके लिए सभी को एहतियात बरतने की जरुरत है.सोशल डिस्टनसिंग का पालन जरुरी है.   – एड.टुलिप ब्रायन मिरांडा, नगरसेविका

वैश्विक महामारी रोकने में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संस्थाओं का संयुक्त प्रयास सफल हुआ है, जिसकी वजह से एच पूर्व वार्ड में नए मरीज मिलने बहुत कम हो गए हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है.सरकार के निर्देशों का पालन जरुरी है. – शिवजी सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता

मनपा के एच पूर्व वार्ड अंतर्गत बांद्रा, सांताक्रूज इलाके में कोरोना मरीजों की संख्या कम हुई है. बारिश के मौसम में समस्या गंभीर हो सकती है. मजदूरों के लौटने पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भी मुश्किल हो सकता है.दूसरी बात मुख्यमंत्री का आवास इसी इलाके में है इसलिए आंकड़ा कम दिखाने के लिए जांच को भी नियंत्रित किया जा रहा है.लोगों को सावधान रहने की जरुरत है– महेश (कृष्णा) पारकर, पूर्व नगरसेवक, बीजेपी नेता