Corona

– डॉक्टरों ने कहा- पीक के बाद का फेज शुरू

– लोकल शुरू होने से मामलों में वृद्धि की आशंका

मुंबई. पिछले 14 दिनों से मुंबई में कोरोना के 1000 से 1400 नए मामले सामने आ रहे हैं. बीएमसी अधिकारियों और डॉक्टरों की माने तो यह एक संकेत है कि मुंबई में पीक के बाद एक फ्लैट कर्व बन चुका है. संभवतः जून के बाद से नए मामलों में गिरावट दर्ज की जा सकती है. दूसरी ओर मुंबईकरों को जुलाई में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि लोकल ट्रेन शुरू होने के बाद एक बार फिर मामलों में थोड़ी बढ़त हो सकती है.

मामलों का न बढ़ना एक पॉजिटिव साइन 

आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य में कोरोना के कुल मामलों में 50 फीसदी मामले मुंबई से हैं. विगत 2 सप्ताह से मुंबई में नए मामलों के आंकड़ों में थोड़ी-थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों को देखें तो 14 मई को राज्य में कुल कोरोना मरीज़ों में से 62.29 प्रतिशत, 28 मई को 56.47 प्रतिशत, 4 जून को 49.06 प्रतिशत और 20 जून को 30.89 प्रतिशत मामले मुंबई से थे. बीएमसी के अतिरिक्त (स्वास्थ्य)आयुक्त सुरेश ककानी ने बताया कि निसर्ग चक्रवात के बाद से ही हम मुंबई के आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं और यह लग रहा है कि मुंबई में एक फ्लैट कर्व बन चुका है. मामलों का न बढ़ना एक पॉजिटिव साइन है.लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि लोकल ट्रेन के शुरू होने के बाद हो सकता है मामलों में थोड़ी वृद्धि हो.

मामलों में हो सकती है गिरावट

संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. ओम श्रीवास्तव ने कहा कि मुंबई में पहले लगभग 2000 मामले आ रहे थे, लेकिन विगत कुछ सप्ताह से 1000 से 1400 के बीच मामले आ रहे हैं. मामलों में कमी अच्छे संकेत है. अगर लोग ऐतिहात बरतें तो आने वाले समय में मामले और भी कम हो सकते हैं. हालांकि राज्य के दूसरे हिस्सों में नए मामले बढ़ रहे हैं, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है.

एफ उत्तर विभाग में कोरोना पर नियंत्रण

मुंबई  में मरीजों के मामले में कभी दूसरे नंबर पर पहुंच चुका एफ उत्तर विभाग में कोरोना पूरी तरह से कंट्रोल होने की दिशा में अग्रसर है. रविवार को एफ उत्तर विभाग में केवल 13 मरीज मिले हैं. एफ उत्तर विभाग के अंतर्गत सायन , माटुंगा और वडाला का इलाका आता है. धारावी के बाद मुंबई का यह दूसरा सबसे ज्यादा झोपड़पट्टियों वाला क्षेत्र होने के बाद भी यहां कोरोना को नियंत्रित कर लिया गया है. एफ उत्तर विभाग के सहायक मनपा आयुक्त गजानन बेल्लाले ने बताया कि एक सप्ताह से यहां कोरोना मरीजों की संख्या लगातार घट रही है. 

कंटेनमेंट जोन पर निगरानी सख्त 

उन्होंने कहा कि अभी यहां पर स्लम में 22 और इमारतों में 173 कंटेनमेंट जोन हैं, लेकिन हमने कंटेनमेंट जोन पर निगरानी सख्त रखी है. कंटेनमेंट जोन पर सख्ती के कारण ही यहां कोरोना मरीजों की संख्या को नियंत्रित किया जा सका है.  यह वार्ड कोरोना मरीजों की संख्या में तीसरे स्थान पर पहुंच गया था लेकिन अब 9वें स्थान पर है. यहां मरीजों की वृद्धि दर 1.0 पर आ गई है और मरीज दोगुना होने की दर 62 दिन पर पहुंच गई है. यहां मरीजों की संख्या 2805 है. 1857 मरीज रिकवर कर चुके जबकि 210 मरीजों की मौत हुई है. एक्टिव मरीज 748 हैं.

30 ऑक्सीजन बेड का अस्पताल

वार्ड स्तर पर एफ उत्तर विभाग के एक्वर्थ अस्पताल में बने सीसीसी-2 को ऑक्सीजन बेड में रुपांतरित कर दिया गया है. 30 ऑक्सीजन बेड मिलने से  यहां जिस भी मरीज को ऑक्सीजन की जरुरत होती है एक्वर्थ अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाता है.