मंगेश ने कोरोना को हराया

मुंबई. कल्याण (प.) स्थित बाजार पेठ पुलिस स्टेशन के कई पुलिसवाले ड्यूटी के दौरान कोरोना से संक्रमित हुए थे. अपनी जान हथेली पर रखकर पुलिसकर्मी जनता की रक्षा करते हैं. सर्दी, गर्मी और बरसात में कठिन ड्यूटी करने वाले इन बहादुर जवानों का जीवन काफी कठिन होता है. वे समाज की रक्षा के लिए खुद संक्रमित हो जाते हैं. उनमें से मंगेश चव्हाण का भी नाम शामिल है.

   पुलिस कांस्टेबल मंगेश चव्हाण ड्यूटी के दौरान संक्रमित हुए थे. उन्हें याद नहीं कि यह कब और कैसे हुआ. 14 जून से उन्हें बुखार, ठंड और खांसी की शिकायत हुई. बाजारपेठ पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर यशवंत चव्हाण के निर्देश पर मंगेश का 15 जून को टेस्ट कराया गया. 17 को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई. मंगेश को सील डायघर फाटा स्थित नियॉन हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया.

पुलिस वालों के लिए वार्ड की व्यवस्था 

 हॉस्पिटल में उनका अच्छा ट्रीटमेंट किया गया. वहां के डॉक्टर, नर्स और स्टाफ के व्यवहार से मंगेश काफी प्रभावित हुए. डॉक्टर और नर्स समय-समय पर आते थे और उनकी देखभाल करते थे. मंगेश ने कहा कि नियॉन हॉस्पिटल की चौथी मंजिल पर सभी पुलिस वालों के लिए वार्ड की व्यवस्था की गई थी. साथ ही इस वार्ड में पुलिस वालों के संक्रमित परिवारों की भी व्यवस्था की गई थी. मंगेश ने कहा कि सीनियर पीआई ने मेरी बच्ची और पत्नी का भी कोरोना टेस्ट करवाया, जो पॉजिटिव आया. उसी वार्ड में उन्हें भी एडमिट कराया गया. उन्होंने कहा कि वहां का खान-पान, चाय नाश्ता सब कुछ समय पर आता था और अच्छा था. घर जैसा माहौल था. 

कोरोना को हराएंगे

सीनियर पीआई यशवंत चव्हाण मंगेश और उनके परिवार तथा अन्य पुलिस वालों की अक्सर हालचाल पूछा करते थे और वहां की व्यवस्था को लेकर भी पूछताछ किया करते थे. मंगेश को दवाइयों के अलावा विटामिंस आदि दिए गए. 25 जून को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया. घर आकर वे क्वारंटइन अवधि पूरी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारे घर वालों ने भी हमारा उत्साह बढ़ाया. कोरोना वारियर्स 32 वर्षीय मंगेश ने कहा कि सैनिक सीमा पर लड़ रहे हैं तो हम समाज के लिए कोरोना से लड़ रहे हैं और कोरोना को हराएंगे. मंगेश और उनके परिवार का इलाज नि:शुल्क हुआ. उन्होंने कहा कि लोग घरों से बाहर कम निकलें और सभी जरूरी सावधानियों को अपनाएं.