धनतेरस पर खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़

  • बाजारों में खूब रहा चहल-पहल
  • परंपरा को नहीं तोड़ पाया कोरोना

अरविंद सिंह

मुंबई. दीपावली पर्व की शुरुआत शुक्रवार को धनतेरस के साथ हो गई. धनतेरस को सोना-चांदी अथवा धातु से बनी वस्तुएं खरीदने की रस्म निभाने की परंपरा है. इससे सालभर आर्थिक समृद्धि बनी रहती है. शुक्रवार को मुंबई के विभिन्न बाजारों में दुकानों पर भीड़ उमड़ी. धनतेरस के अवसर पर दमकते आभूषण और बर्तन की दुकानें, फूल मार्केेट की सुगंध, स्वाद बिखेरती मिष्ठान की दुकानें और लोगों का हुजूम यह दर्शा रहे थे कि कोरोना कितना भी घातक हो, लेकिन वह हमारी परंपरा को नहीं तोड़ सकता है.

सोने के बढ़े हुए दाम का भी मुंबईकरों के उत्साह पर ज्यादा असर नहीं पड़ा. ज्वेलरी वालों का कहना है कि भले ही सोने के दाम में बढ़ोतरी हुई है, इससे खरीददारी पर  थोड़ा असर पड़ा है, लेकिन मुंबईकरों के जोश में कमी नहीं आई है. संक्रमण के भय और लंबे लॉकडाउन के बाद अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी है. लोगों में दीपावली पर्व मनाने का जोश दिखा. इस बार सोने-चांदी की बिक्री कम रही, ज्यादातर लोग छोटी-छोटी वस्तुएं खरीदते देखे गए.

दादर मार्केट में भीड़

दादर पूर्व और पश्चिम में सोने-चांदी की दुकानों में लोग भारी संख्या में आभूषण खरीदते देखे गए. अपेक्षित वस्तु लेने की हर किसी को इच्छा होती है, लेकिन जेब इसकी इजाजत नहीं दे रही थी, फिर भी लोगों ने सोना कम चांदी की वस्तुएं ज्यादा खरीदी. दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों की भीड़ तो रही, लेकिन खरीददारी कम रही. बर्तन की दुकानों पर भीड़ रही, लेकिन लंबे लॉकडाउन का इस पर असर देखा गया. दुकानदार विनोद ने कहा कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार बिक्री कम हुई. उन्होंने कहा कि इस बार करीब 25 से 30 प्रतिशत बिक्री कम हुई. 

फूल मार्केट में चहल-पहल

दादर (प) स्थित फूल मार्केट में काफी चहल-पहल देखी गई. धनतेरस और दीपावली के लिए बड़ी संख्या में लोग रंग-बिरंगे फूलों की खरीददारी करते देखे गए. कालबादेवी स्थित ज्वेलरी मार्केट में भी सोनी-चांदी की वस्तुएं खरीदते लोगों को भीड़ उमड़ी. मलाड (पूर्व) स्थिति सम्राट ज्वेलर्स, परमार ज्वेलर्स, कल्याण ज्वेलर्स में खरीददारों की भीड़ देखी गई.

 इस वर्ष बिक्री 30% कम

मलाड (प) स्थित नटराज मार्केट में भी सोने-चांदी की दुकानों पर खरीददारी करते लोगों की भीड़ देखी गई. दुकानों में बड़ी संख्या में सोने-चांदी की खरीददारी करते लोग नजर आए. नटराज मार्केट में बर्तन की दुकानों पर भीड़ देखी गई. दुकानदारों का यहां भी कहना था कि भीड़ तो आई, लेकिन गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष बिक्री करीब 30 प्रतिशत कम हुई. ऐसे ही क्राफर्ड मार्केट, भायखला, कुर्ला, दक्षिण मुंबई के अन्य बाजारों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने सोने-चांदी और बर्तनों की खरीददारी की. अंधेरी बोरीवली, घाटकोपर, मुलुंड में भी धनतेरस के अवसर पर मुंबईकरों ने तांबे, पीतल और स्टील के बर्तन खरीदे. लोगों ने धन्वंतरी भगवान और लक्ष्मी जी की पूजा की.

 महंगाई से कम किया खरीददारी

शैलेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि मुझे धनतेरस पर कुछ न कुछ लेने की इच्छा तो पूरी करनी ही थी. हमने मलाड (पूर्व) स्थित रानी सती मार्केट से अपनी बेटी के लिए सोने की बाली खरीदी और चांदी का एक गाय का बछड़ा लिया. हालांकि सोने के वर्तमान दाम हमारी खरीदने की क्षमता से बहुत अधिक हैं. फिर भी मामला बेटी का था और पत्नी का दबाव था, इसलिए यह सोचकर खरीद लिया कि अगले कुछ दिनों तक कोई खरीदारी नहीं करेंगे और फिजूलखर्ची रोकेंगे. वैसे भी लॉकडाउन के दौरान कोई त्यौहार नहीं मना पाए और घर में ही रहे. कोरोना का डर अभी भी बना हुआ है. इसलिए बड़ी सावधानी से बाजार गए. सेनिटाइजर, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का हमने पूरा ख्याल रखा.– शैलेंद्र श्रीवास्तव मलाड (पूर्व)