सीएसएमटी का मेकओवर प्लान, शार्ट लिस्ट की गईं 9 कंपनियां

    मुंबई. वर्ल्ड हेरिटेज (World Heritage) की श्रेणी में आने वाले देश के सबसे पुराने  रेलवे स्टेशन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के मेकओवर प्लान पर जल्द निर्णय होगा। पीपीपी मॉडल (PPP Model) के तहत एयरपोर्ट की तर्ज पर सीएसएमटी के पुनर्विकास के लिए जारी की गई निविदा में अडानी, गोदरेज, जीएमआर, कल्पतरु सहित देश की कई बड़ी कंपनियों ने रुचि दिखाई थी। उनमें अंतिम बोली के लिए 9 कंपनियों को शार्ट लिस्ट (Short List) किया गया है।

    1642 करोड़ के इस बहुद्देश्यीय प्रोजेक्ट का काम इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (आईआरएसडीसी) की देखरेख में सार्वजनिक और निजी भागीदारी अर्थात (पीपीपी) के तहत किया जाना है। 

    कंपनी का चुनाव जल्द : लोहिया

    आईआरएसडीसी के एमडी एस. के. लोहिया के अनुसार, पिछली जनवरी में देश की 10 बड़ी कंपनियों ने बिड में रुचि दिखाई थी, इनमें 9 कंपनियों को उनकी योग्यता के आधार पर शॉर्ट लिस्ट किया गया है। अगले चरण में जल्द आईआरएसडीसी रिक्वेस्ट फ़ॉर प्रपोजल पर क्वालीफाइड बीडर्स का चुनाव करेगी। एमडी एस.के. लोहिया के अनुसार, सीएसएमटी का मेकओवर  प्राथमिकता में शामिल है।  इस महत्वकांक्षी परियोजना के तहत हेरिटेज का दर्जा प्राप्त सीएसएमटी स्टेशन की मुख्य इमारत से कोई छेड़छाड़ न करते हुए पूरे परिसर की रिमॉडलिंग के साथ वाडीबंदर और भायखला स्टेशन का भी व्यावसायिक विकास किया जाना है। 

    वर्ल्ड क्लास बिजनेस हब

    सीएसएमटी स्टेशन परिसर को विश्व स्तरीय यात्री सुविधाओं के साथ एक व्यावसायिक हब के रूप में डेवलप किए जाने की योजना है। इसके पूरे प्लान की मंजूरी आईआरएसडीसी ने केंद्र से ले ली है। मुंबई सीएसएमटी के साथ दिल्ली, चंडीगढ़, नागपुर और तिरुपति स्टेशनों के भी मेकओवर का प्लान बनाया गया है। 

    रेल मॉल के साथ मास्टर प्लान 

    एमडी लोहिया के अनुसार, सीएसएमटी स्टेशन पुनर्विकास के मास्टर प्लान के तहत और सीएसएमटी, वाडीबंदर, भायखला तीनों स्टेशनों पर लगभग 2.54 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र का व्यावसायिक विकास किया जाएगा। इसके अलावा स्टेशन की रिमॉडलिंग के जरिए सबर्बन, लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ हार्बर मार्ग की लोकल के लिए अलग व्यवस्था होगी। सीएसएमटी स्टेशन पर सिटी सेंटर, रेल मॉल ‘रेलपॉलिस’ का निर्माण किया जाएगा। हेरिटेज परिसर होने के कारण यहां 24 मीटर से ज्यादा ऊंचाई की इमारत बनाने की इजाज़त नहीं है। इंट्रीग्रेटेड डेवलपमेंट, उपनगरीय प्लेटफार्म, अंडर ग्राउंड पार्किंग, आधुनिक टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड आदि सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।

    लगेगा यूजर चार्ज

    स्टेशन के पुनर्विकास के बाद निजी कंपनी और रेलवे को राजस्व का एक और निरंतर स्रोत प्राप्त होगा जो स्टेशन के वाणिज्यिक संचालन तिथि (सीओडी) के बाद उपलब्ध होगा। बोलीदाता पर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और आसपास के रेलवे भूमि के वाणिज्यिक विकास को पट्टे पर विकसित कर 60 से लेकर 99 वर्ष तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी होगी। इसके लिए यात्रियों पर यूजर शुल्क देना होगा।

    बिड में बचीं 9 कंपनियां

    सीएसएमटी स्टेशन पुनर्विकास के लिए देश की 10 कंपनियों के आवेदन मिले थे। इनमें 9 कंपनियां शार्ट लिस्ट की गईं हैं। इनमें  जीएमआर एंटरप्राइजेज प्रा. लिमिटेड, एशिया इन्फ्रास्ट्रक्चर, कल्पतरु पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड, एंकोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स लिमिटेड,अदानी रेलवे ट्रांसपोर्ट लि., ब्रुकफील्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड, मोरिबस होल्डिंग्स पीटीई लिमिटेड, गोदरेज प्रॉपर्टीज लि. और ओबेरॉय रियल्टी लिमिटेड का समावेश है। जिन कंपनियों की मिनिमम नेट वर्थ 821 करोड़ सालाना है, उन्हें ही शामिल किया गया है। इसके अलावा कंस्ट्रक्शन, ऑपरेट एंड मैनेजमेंट का अनुभव हो।  

    50 हजार करोड़ निवेश का लक्ष्य

    पीपीपी के तहत देश के लगभग 123 बड़े स्टेशनो का विकास किए जाने की योजना है। इसके तहत 50 हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य बनाया गया है। आईआरएसडीसी ने इनमें से 63 स्टेशनो के डेवलपमेंट का प्लान बनाया है।