दिव्यांग संगीत शिक्षक ने किया प्लाज्मा दान

हाल ही में कोरोना से जीती थी जंग

मुंबई. गंभीर कोरोना मरीजों की जान बचाने में प्लाज्मा थेरेपी मददगार साबित हो सकती है. ऐसे में प्लाज्मा डोनेशन के लिए उन लोगों की पहल की जरूरत है जो कोरोना को मात दे कर ठीक हुए हैं. बुधवार को एक नेत्रहीन संगीत शिक्षक ने दूसरे रोगी की जान बचाने के लिए प्लाज्मा का दान किया.

मंगलवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोविड के विजेताओं से गंभीर कोविड रोगियों के लिए प्लाज्मा दान करने की अपील की थी क्योंकि बहुत कम ही कोरोना विजेताओं ने अब तक प्लाज्मा डोनेट किया है. 

सीएम ने की थी अपील

सीएम की अपील के अगले ही दिन मानखुर्द के एक 27 वर्षीय नेत्रहीन संगीत शिक्षक नितेश सोनवने ने नानावटी अस्पताल में प्लाज्मा दान किया. इस नेक काम से 80 साल के एक रोगी को नई ज़िंदगी मिल सकती है, जिन्हें अस्पताल में प्लाज्मा थेरेपी दी जानी है. अस्पताल ने प्लाज्मा दान के लिए कोविड से बचे कई लोगों से संपर्क किया था, लेकिन सोनवने सबसे पहले इसके लिए स्वेच्छा से तैयार हुए. 

मैं 15 दिन बाद फ़िर से प्लाज्मा दान कर सकता हूं

सोनवने ने कहा कि जब मुझे कॉल आया तो यह क्वारंटीन के बाद का मेरा पहला दिन था.मैंने तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया कि मैं प्लाज्मा दान करना चाहता हूं और वे तुरंत सहमत हो गए. एक घंटे में मैं अस्पताल में था, जहां मुझे प्रक्रिया के बारे में समझाया जा रहा था. ऐसा लगा जैसे मैं अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहा हूं. ऐसा कोई कारण नहीं था कि अपनी दिव्यांगता की वजह से मैं प्लाज्मा दान न कर पाऊं.अब यह जानने के बाद कि मैं 15 दिन बाद फ़िर से प्लाज्मा दान कर सकता हूं, मैं ऐसा करने के लिए वापस आ सकता हूं.

बता दें कि मई में सोनवने खुद कोरोना से संक्रमित हुए थे. एक हफ्ते में वे ठीक हो कर घर भी लौट गए थे. नानावटी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डायरेक्टर और सीईओ मनप्रीत सोहल ने पूरे अस्पताल और कर्मचारियों की ओर से सोनवने को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया. सोहल ने कहा कि इस तरह के नेक लोग हमें इस महामारी से लड़ने के लिए प्रोत्साहित करते रहते हैं. ​​