bird flu

मुंबई. मुंबई शहर (Mumbai City)और ठाणे जिले (Thane District) में कौवों की मौत की  खबर  के बाद शहर और उपनगरों में मुर्गी (Chicken) और अंडे (Eggs) के व्यवसाय पर विपरीत असर पड़ा है, जबकि सब्जियों (Vegetables) के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है। बताया गया है कि मुंबई में मुर्गी और अंडे की खपत में 40 प्रतिशत तक की गिरावट हुई है।  

वैश्विक महामारी कोरोना (Corona) संकट के बीच बर्ड फ्लू (Bird flu) की दस्तक से लोगों में भय का वातावरण है। मांसाहारी फिलहाल अंडे और चिकन खरीदने से बच रहे हैं। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मुर्गियां 50 से 60 रुपए सस्ती बिक रही हैं और अंडे भी 2 से 3 रुपए सस्ते हो गए हैं।

सब्जियों की कीमतों में बढ़ोत्तरी

मुंबई मुर्गी विक्रेता एसोसिएशन के मुताबिक, बर्ड फ्लू की खबर आने के पहले मुंबई में हर रोज लगभग डेढ़ लाख मुर्गियों की मांग होती थी, जिनमें बॉयलर मुर्गियों की संख्या अधिक होती थी, लेकिन अब यह घटकर एक लाख से भी कम हो गई है। दुकानों पर मुर्गियां बेचने में मुश्किल हो रही है। लोग चिकन की बजाय सब्जियां खा रहे हैं, जिससे सब्जियों की कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है। 

…तो भी लोग डरे हुए हैं

मुंबई एग ट्रेडर एसोसिएशन के अध्यक्ष आफताब उर्फ अहमद के मुताबिक, अंडों की डिमांड 40 प्रतिशत तक कम हो गई है। बर्ड फ्लू का असर  मुर्गी की बजाय अंडों पर पड़ने लगा है। हालांकि यह बर्ड फ्लू अंडे में नहीं होता है। अफवाह की वजह से लोगों ने मुर्गी और अंडा खाना बंद कर दिया है। अभी तक मुर्गी और अंडा खाने से किसी व्यक्ति के बीमार होने की खबर नहीं है तो भी लोग डरे हुए हैं।  

मुर्गियों की डिमांड घटी 

कुर्ला में मुर्गी बेचने वाले अनमोल चिकन के महबूब भाई ने बताया कि मुर्गी की कीमत में 60 रुपए के की कमी आयी है। कुछ दिन पहले तक चिकन 140 रूपए किलो बिक रहा था। अब दाम घट कर 80 रुपए किलो हो गया है। मुर्गियों की डिमांड घटी है। हम लोगों को यह बताने का प्रयास कर रहे हैं कि चिकन खाने से बर्ड फ्लू नहीं होता है।

रानी बाग के पक्षियों पर 24 घंटे नजर 

बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद भायखला स्थित वीरमाता जिजाबाई भोसले प्राणी संग्रहालय और उद्यान (रानीबाग) के पक्षियों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। प्राणी संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजय त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना संकट शुरू होने के बाद से प्राणी संग्रहालय के जानवरों और पक्षियों का प्रतिदिन विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रतिदिन एक बार पक्षियों की जांच की जा रही थी। अब बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ने के बाद प्रतिदिन 3 बार पक्षियों की जांच की जा रही है। यह जांच डॉक्टर और पक्षियों की देखभाल करनेवालों की मदद से की जा रही है। पिंजरों की स्वच्छता और सेनेटाइजेशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि रानीबाग में पक्षी पिंजरों में रहते हैं, इसलिए बाहर से आनेवाले पक्षियों से उनके संपर्क में आने की संभावना नहीं है। 

पक्षियों के मरने की 169  शिकायत  

मुंबई में मंगलवार सुबह सात बजे से बुधवार सुबह सात बजे के बीच पक्षियों के मरने की 169 शिकायत मनपा के आपदा नियंत्रण कक्ष में गई। मनपा के आपदा नियंत्रण कक्ष के अधिकारी ने बताया कि फोन पर शिकायत मिलने के बाद संबंधित वॉर्ड को सूचित किया जाता है। जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होती है। मनपा प्रशासन का कहना है कि जिन लोगों ने फोन कर पक्षियों के मरने की शिकायत की उन्होंने कौए और कबूरत मरने की बात बताई।  

बर्ड फ्लू से बचने का तरीका 

बर्ड फ्लू से बचने का सबसे आसान और अच्छा तरीका है कि अपनी हाईजीन का ध्यान रखें। अपने हाथ नियमित धोएं, कोरोना वायरस की वजह से यह चलन बढ़ा है। खांसते, छींकते वक्त मास्क पहने रखें। कुछ समय के लिए पक्षियों से दूर रहें। अगर आप पक्षी पालते हैं, तो उनके पिंजरे से दूर रहें। आपके घर के पास यदि पक्षी ने घोंसला बनाया है, तो उसे हटा दें।