nana patole
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    मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) समेत देश भर में कोरोना मरीजों (Corona Patients) की बढ़ती संख्या को लेकर राजनीति तेज हो गई है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले (Maharashtra Pradesh Congress President Nana Patole) ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार (Modi Government) देश को कोरोना के रसातल में धकेलने का काम कर रही  है। उन्होंने कहा है कि देश में रोजाना औसतन 1 लाख से अधिक लोग कोरोना से प्रभावित होते हैं। यह साफ़ तौर से दिखाता है कि केंद्र सरकार कोरोना से निपटने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। 

    पटोले ने कहा कि ऐसे में अब 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को कोरोना टीका लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में डॉक्टरों की सबसे बड़ी संस्था इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इसकी मांग की है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस मांग को खारिज कर दिया है। पटोले ने कहा कि 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को टीकाकरण करने की अनुमति देने से इंकार कर, मोदी सरकार देश को कोरोना के रसातल में धकेलने का काम किया है।  

    केंद्र में भाजपा सरकार गंभीर नहीं

    उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका समेत अन्य देशों ने 18 वर्ष की आयु से ऊपर के सभी लोगों का टीकाकरण शुरू कर दिया है, लेकिन केंद्र में भाजपा सरकार गंभीर नहीं है। पटोले ने कहा कि देश में  बड़ी संख्या में युवा काम और  व्यावसायिक कारणों से घर से बाहर निकलते हैं। ऐसे में उन्हें टीकों की सबसे ज्यादा जरूरत है।

    महाराष्ट्र में कोरोना वैक्सीन की कमी

    नाना पटोले ने देश में कोरोना वैक्सीन के वितरण को लेकर भी केंद्र सरकार पर भेदभाव बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में टीकाकरण का काम जोरों पर है, लेकिन राज्य को केंद्र से पर्याप्त मात्रा में टीके नहीं मिल रहे हैं। महाराष्ट्र समेत  कुछ अन्य राज्यों में, वैक्सीन के स्टॉक केवल तीन से चार दिनों के लिए उपलब्ध हैं,, लेकिन केंद्र सरकार ने कहा है कि वह 15 अप्रैल के बाद वैक्सीन की आपूर्ति करेगी।  पटोले ने कहा कि महाराष्ट्र के लोगों को रेमडेसिवीर दवा के लिए भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस दवा की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए भी केंद्र सरकार को आवश्यक कदम उठाने की जरुरत है।  पटोले ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने टीकों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं की, तो केंद्र सरकार और भाजपा को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।