टॉप्स ग्रुप के पूर्व एमडी शशिधरन गिरफ्तार

  • 175 करोड़ मनी लांड्रिंग मामले में दूसरी गिरफ्तारी

मुंबई. एमएमआरडीए में सिक्योरिटी गार्ड घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने टॉप्स ग्रुप (Topps Group) के पूर्व प्रबंध निदेशक एम. शशिधरन को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मंगलवार सुबह की गई। ईडी के कई बार बुलाने के बाद भी जब शशिधरन जांच सहयोग नहीं दे रहे थे तो उन्हें एक बार फिर सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इसी दौरान जांच में सहयोग न देने का हवाला देते हुए ईडी ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। शशिधरन को पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां उनको तीन दिन की ईडी कस्टडी में रखने का आदेश दिया है।

ईडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शशिधरन को पूरी जानकारी थी कि कैसे एमएमआरडीए (MMRDA) को टॉप्स ग्रुप द्वारा मुनाफाखोरी कर धोखा दिया जा रहा है। टॉप्स ग्रुप को एमएमआरडीए में सिक्योरिटी गार्ड प्रदान करने के लिए टेंडर मिला था, जिसके तहत करीब 500 सौ सुरक्षा गार्ड डेप्लॉय करने थे, लेकिन टेंडर में उल्लिखित कुल सुरक्षा गार्डों का केवल 70 प्रतिशत ही सुरक्षा गार्ड का डेप्लॉय किया गया। लेकिन टॉप्स ग्रुप ने १००  प्रतिशत सिक्योरिटी गार्ड का बिल दिया गया था, जिसमे अतिरिक्त बिल के लेनदेन का शेयर शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक (ShivSena MLA Pratap Sarnaik) को देने मामला सामने आया है। ईडी को दिए अपने बयान में अय्यर ने कहा है कि टॉप्स ग्रुप के प्रमोटर राहुल नंदा और एमएमआरडीए के साथ सरनाइक धोखाधड़ी कर रहे हैं।

जांच में ईडी नंदा के परिवार के एक सदस्य के अलावा उनके कर्मचारियों से ईडी अधिकारियों को बताया है कि मामला दर्ज होने के बाद राहुल नंदा और उनके रिश्तेदारों ने टॉप्स ग्रुप कार्यालय में ईमेल और अन्य दस्तावेज़ों को हटाकर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को नष्ट करने की कोशिश की थी।

ग़ौरतलब है कि शिवसेना  विधायक प्रताप सरनाईक के करीबी अमित चंदोले को 26 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। वह 29 नवंबर तक ईडी की हिरासत में थे, जिसके बाद निचली अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। पर ईडी को सोमवार को फिर से चंदोले की 1 दिन की हिरासत दी गई क्योंकि बॉम्बे हाई कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को सुरक्षित रखा और पीएमएलए कोर्ट को ईडी की याचिका पर सुनवाई करने को कहा था।

क्या 10 दिसंबर को ईडी में पेश होंगे सरनाईक ?

शशिधरन ने हाल ही में खार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की और बाद में इसे आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में स्थानांतरित कर दिया गया है। शशिधरन ने आरोप लगाया है कि रमेश अय्यर धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार है और उसने टॉप्स ग्रुप को भी धोखा दिया है। ईडी ने शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक को 10 दिसंबर को ईडी दफ्तर में पेश होने के लिए कहा है। इससे पहले सरनाईक को दो बार समन जारी किया गया था लेकिन वह पेश नहीं हुए थे।