6 लाख 62 हजार की धोखाधड़ी

  • नेट बैंकिंग से बैंक खाते को जोड़ने का दिया झांसा

मुंबई. कोरोना महामारी के बीच बैंकिंग फ्राॅड करने वाले जालसाज सक्रिय हैं. जालसाज आए दिन बैंक खाताधारकों को अलग-अलग तरीका इजाद कर बैंकिंग फ्राॅड का शिकार बना रहे हैं. मुलुंड में रहने वाली एक दंपत्ति जालसाज के बैंकिंग फ्राॅड का शिकार हो गयी है. उनके बैंक खाते को नेट बैंकिंग से जोड़ने का झांसा देकर 6 लाख 62 हजार रुपए की धोखाधड़ी की गयी है.

मुलुंड (प.) के वीपी क्रास एसएल रोड स्थित शुभम श्रेयस इमारत में ग्राफिक डिजाइनर विकास प्रफुल्ल भट्ट मां मालती, पत्नी जस्मीना और बेटी अनुष्का के साथ रहते है. विकास का मुलुंड (प.) के रेलवे स्टेशन रोड स्थित बैंक आफ बडौदा और आईसीआईसीआई बैंक की शाखा में खाता है. बैंक आफ बडौदा में उनका मां के साथ ज्वाइंट सेविंग अकाउंट है. वह जरुरी कामों के लिए पैसे के लेनदेन के लिए नेट बैंकिंग से जुड़ना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने बैंक आफ बडौदा में नेट बैंकिंग के लिए अप्लाई किया. उन्होंने अप्लीकेशन पर पत्नी जस्मीना का नाम भी अप्लीकेशन पर दिया था. इसके दूसरे दिन ही 21 अक्टूबर को उनकी पत्नी को नितिन भारद्वाज नामक व्यक्ति का फोन आया. उसने बैक आफ बडौदा से फोन करने और उनके बैंक खाते को नेट बैंकिंग से जोड़ने की बात कही. 

डेबिट कार्ड के 16 डिजिट नंबर बताना पड़ा महंगा

उसने उनसे झांसा देकर बैंक आफ बडौदा और आईसीआईसीआई बैंक के डेबिट कार्ड के 16 डिजिट नंबर को हाशिल कर लिया. इसके बाद एक-एक विकास के मोबाइल पर उनके बैंक खाता से पैसे के ट्रांजेक्शन का मैसेज आने लगा. वह मैसेज जब तक देखते, उनके दोनों बैंक से 6 लाख 62 हजार रुपए का ट्रांजेक्शन कई बैंक खातों में हो गया.

बैंक की मिली भगत

विकास भट्ट ने बैंक से संपर्क कर अपने खाते को क्लोज करवाया और मुलुंड पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाया. विकास का कहना है कि कहीं न कहीं बैंक आफ बडौदा से कोई जालसाजों से मिला हो सकता है. इस बैंक के बड़ी संख्या में खाताधारक जालसाजों के शिकार हो रहे हैं.