ईद मिलादुन्नबी मनाने की इजाजत दे सरकार

  • 109 वर्ष पुरानी जुलूस की परंपरा को बरकरार रखना जरूरी
  • शरद पवार से मिले आजमी

मुंबई. समाजवादी पार्टी ने इस्लाम धर्म के प्रवर्तक मोहम्मद साहब का जन्म दिन ‘ईद मिलादुन्नबी’ मनाने की इजाजत देने की मांग राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार से की है.इस्लाम धर्म को मानने वाले ईद मिलादुन्नबी (बारावफात) बहुत ही शिद्दत से मनाते हैं. कोरोना संकट के बीच 30 अक्टूबर को पड़ने वाले इस त्यौहार को लेकर सरकार ने अभी तक किसी तरह की गाइड लाइन भी नहीं जारी की है.

ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार मनाए जाने की इजाजत दिलाने के संदर्भ में सपा के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी एवं भिवंडी के विधायक रईस शेख ने बुधवार को राकां प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की. आजमी ने पवार को बताया कि ईद मिलादुन्नबी को लेकर मुस्लिम समाज में एक अलग उत्साह रहता है.इस मौके पर जुलूस निकालकर कर पैगंबर का पैगाम लोगों को बताने का प्रयास किया जाता है. 

आजमी ने कहा कि सर्व धर्म समभाव के तहत सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जिस तरह अन्य त्यौहारों को मनाने की इजाजत दी जा रही है. उसी तरह की गाइड लाइन तैयार कर ईद मिलादुन्नबी को भी अनुमति दी जानी चाहिए. जुलूस में भी नियमों का पालन किया जाएगा. भिवंडी के विधायक एवं मुंबई मनपा में पार्टी के गुट नेता रईस शेख ने बताया कि मुंबई में खिलाफत कमिटी की तरफ से जुलूस निकालने की परंपरा लगभग 109 साल पुरानी है. इस परंपरा को कायम रखा जाना चाहिए.