ट्रक से ठाणे पहुंचा था विकास का गुर्गा गुड्डन

  • गांव वालों ने धमकाकर रहने का लगाया आरोप
  • मुंबई एटीएस की जांच में हुआ खुलासा

मुंबई. मुंबई के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के गिरफ्त में आए कानपुर शूटआउट कांड के आरोपी अरविंद उर्फ गुड्डन त्रिवेदी से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह और उसका ड्राइवर सुशील कुमार उर्फ सोनू तिवारी यूपी से भागे, तो ट्रक में बैठ कर ठाणे पहुंचे थे. वे ठाणे में रह रहे अपने गांव वालों के यहां ठहरे थे. जब एटीएस ने छापा मार कर उन्हें गिरफ्तार किया, तो वे जिनके घर पर ठहरे थे, उन्होंने कहा कि गुड्डन त्रिवेदी धमकी देकर उनके घर रह रहा था. पुलिस उनके बयान की जांच कर रही है.

 2 जुलाई की रात को विकास दुबे के साथ गुड्डन त्रिवेदी कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर अपनी कार से फरार हुआ था. वह कार से मध्य प्रदेश के दतिया तक आया. उसने पकड़े जाने के डर से दतिया में अपनी गाड़ी छोड़ दी. वहां से ड्राइवर तिवारी के साथ ट्रक में बैठ कर महाराष्ट्र के पुणे में आया और पुणे से दूसरे ट्रक में बैठ कर ठाणे पहुंचा था. दोनों ठाणे में रहने वाले अपने गांव के एक परिवार के पास रह रहे थे. इस परिवार ने एटीएस के पूछताछ में आरोप लगाया है कि त्रिवेदी धमकी देकर जबरदस्ती उनके घर रह रहा था. यूपी पुलिस के विकास दुबे गैंग के 21 गुर्गों की लिस्ट में त्रिवेदी का नाम शामिल है.