मीरा-भायंदर की जलापूर्ति में इजाफा

  • नवभारत की खबर के बाद हरकत में आया सिस्टम 

भायंदर. नवभारत में खबर छपने के बाद मीरा-भायंदर की जलापूर्ति में इजाफा हो गया है. महापौर ज्योत्स्ना हसनाले ने पत्रकार परिषद में दावा किया कि गुरुवार को एमआईडीसी से 102 एमएलडी पानी आया है. बाकी के पानी के लिए एमआईडीसी के सीईओ के साथ मनपा आयुक्त जल्द बैठक करने वाले हैं. बता दें कि एमआईडीसी ने पहले ही औसत 99.21 एमएलडी पानी प्रतिदिन देने की बात कही है.

एमआईडीसी से 125 एमएलडी पानी की मंजूरी

महापौर ने दावा किया कि एमआईडीसी से 115 नहींं,बल्कि 125 एमएलडी पानी मंजूर है.हालांकि 125 एमएलडी पानी कभी आया नहींं.उन्होंने कहा की 25 एमएलडी पानी की मंजूरी अस्थाई नहींं,बल्कि कटौती अस्थाई है.विपक्ष झूठा प्रचार कर रहा है.अगर मंजूरी अस्थाई होने की बात मान भी लें,तो जब राज्य में हमारी सरकार थी,तो इतना पानी मिल तो रहा था. अब विपक्षी दलों की राज्य में सरकार है तो वे बंद किये गए पानी को चालू करवाकर दिखाएं.

जलापूर्ति अभियंता पर कार्रवाई की सिफारिश

महापौर ने कहा कि 115 में से 25 एमएलडी पानी बंद हो जाने की बात जलापूर्ति अभियंता सुरेश  वाकोडे ने छुपाये रखी.एमआईडीसी से उन्हें मिले उत्तर में इसका खुलासा हुआ.वाकोडे के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश वह आयुक्त से करेंगी.महापौर ने कहा कि तीन माह से जलसंकट है.जनता- जनप्रतिनिधियों के आक्रोश के बाद उन्होंने एमआईडीसी के पत्र को सार्वजनिक कर दिया.ताकि सच्चाई से लोग रूबरू हो जाएं.बता दें कि इस पत्र के सामने आने के बाद विपक्षी दल कांग्रेस आक्रामक हुई और बुधवार को जलापूर्ति अभियंता का धेराव किया.

महापौर की अध्यक्षता में हुई मीटिंग

 ‘मीरा-भायंदर की जलापूर्ति में झोल का घोल’ शीर्षक से गुरुवार को नवभारत में छपी खबर के बाद सत्ता व प्रशासन हरकत में आ गया.महापौर की अध्यक्षता में एमआईडीसी अधिकारियों के साथ मनपा आयुक्त व जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई.बैठक के बाद पत्रकारों को महापौर ने संबोधित किया.

90 की जगह 102 एमएलडी पानी

 गुरुवार को 90 की जगह 102 एमएलडी पानी आया है.हमारे कोटे का बाकी पानी भी लाने का हम प्रयत्न करेंगे. हमने एमआईडीसी अधिकारियों से कहा है कि जिस दिन किसी कारण से जल आपूर्ति अगर बंद रखनी पड़े तो दूसरे दिनों में उतना पानी हमें मिलना चाहिए.

-ज्योत्सना हंसनाले, महापौर