Mumbai Local Train Updates: Government will soon bring in QR coded travel pass to travel in Mumbai local train, know how to apply

  • मध्य रेलवे पर 68 अतिरिक्त लोकल
  • बसों में बेकाबू हो रही है भीड़

मुंबई. राज्य व केंद्र सरकार के अत्यावश्यक कर्मचारियों के लिए मुंबई में चलाई जा रही विशेष लोकल में बढ़ती भीड़ को देखते हुए मध्य रेल ने 68 फेरियां बढ़ाने का निर्णय लिया है. लोकल में भीड़ बढ़ने पर सोमवार से पश्चिम रेलवे भी लोकल की 150 अतरिक्त फेरियां चला रही हैं. इस बीच अनलॉक के बाद मुंबई की सड़कों, बसों में भारी भीड़ को देखते हुए आम लोगों के लिए भी लोकल चलाने का दवाब बढ़ रहा है. सार्वजनिक वाहनों, बसों में सभी सीटों पर यात्री बिठाने की इजाजत दिए जाने के वावजूद भीड़ बेकाबू होती जा रही है.

आम लोगों के लिए 6 माह से बंद लोकल

मुंबई की लाइफ लाइन कही जाने वाली लोकल पिछले 6 माह से आम यात्रियों के लिए बंद है. कोरोना संक्रमण के चलते लॉक डाउन में 23 मार्च से मुंबई में लोकल का परिचालन बंद कर दिया गया था. इस बीच राज्य सरकार की मांग पर अत्यावश्यक कर्मचारियों के लिए 15 जून से विशेष लोकल शुरू की गई है. इस समय भी मुंबई में कोरोना संक्रमण के बीच कार्यालय, दुकानें व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान खोल दिए गए हैं. लोगों को अपने कार्यस्थलों पर आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रोजाना उल्हासनगर से मुंबई आने वाले एक यात्री ने बताया कि वे और उनके जैसे कई लोग मजबूरी में अवैध रूप से लोकल में यात्रा कर रहे हैं जो कि पकड़े जाने पर लगने वाला दंड, घंटों की बस या निजी वाहन की यात्रा परेशान होने से अच्छा है. लोकल सुविधा न होने से उपनगरों से लोगों को मुंबई जाने में 4 से 5 घंटे लग रहे हैं.

मध्य व पश्चिम रेलवे पर 923 फेरियां

मध्य रेल के सीपीआरओ शिवाजी सुतार के अनुसार इसके पहले 355 लोकल फेरियां लग रहीं थी, जिसे बढ़ाकर 423 कर दिया गया है. अतिरिक्त 68 सेवाओं में मेन लाइन पर 46, हार्बर लाइन पर 22 सेवाएं होंगी. इस तरह कुल 423 सेवाओं में मेन लाइन पर 329, हार्बर लाइन 92, ट्रांस हार्बर पर 2 सेवाएं चल रहीं हैं. 15 जून से मुंबई में अत्यावश्यक कर्मचारियों के लिए मध्य व पश्चिम रेलवे पर विशेष लोकल चलाई जा रही हैं. इनमे मध्य रेलवे पर 423 और पश्चिम रेलवे पर 500 विशेष लोकल फेरियां चल रही हैं. पीक आवर में लोकल में बढ़ती भीड़ को देखते अतिरिक्त फेरी बढ़ाए जाने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए राज्य व केंद्र के सभी अत्यावश्यक कर्मचारियों को क्यू आर कोड पर आधारित ई-आई कार्ड अनिवार्य किया गया है. अवैध रूप से यात्रा करने वाले यात्रियों की जांच कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जा रही है.

आम यात्रियों के लिए लोकल की मांग

वैसे अनलॉक के चलते आम लोगों के लिए लोकल चलाने की मांग तेज हो गई है. इस पर मध्य व पश्चिम रेलवे प्रशासन का कहना है कि आम लोगों के लिए नियमित लोकल चलाने का निर्णय राज्य सरकार ही ले सकती है. मध्य व पश्चिम रेलवे पर 923 फेरियां अत्यावश्यक कर्मचारियों के लिए चलाई जा रहीं हैं. यात्री संगठनों के साथ मनसे, बीजेपी भी आम लोगों के लिए जल्द लोकल चलाने की मांग कर रही है. यात्री सेवा सुविधा संगठन के अध्यक्ष व एनसीपी नेता पारसनाथ तिवारी ने कहा कि आम लोगों के लिए लोकल ट्रेनें जल्द न शुरू हुई तो बसों में भारी भीड़ की वजह से भी कोरोना संक्रमण बढ़ जाएगा.