अनुभवहीनता पड़ी भारी, बढ़ती गयी बीमारी

  • बोले- महाराष्ट्र भाजपा उपाध्यक्ष जयप्रकाश ठाकुर

वैश्विक महामारी कोरोना के प्रकोप से पीड़ित पूरे विश्व ने इसके खात्मे के लिए एक सुनियोजित कार्यक्रम तैयार कर लिया है. इसके चलते अनेक देशों में इस पर कुछ हद तक काबू पाया जा सका है. भारत में भी चुनौती बन कर आई कोरोना महामारी ने अनेक राज्यों के मानव जीवन को प्रभावित किया है, लेकिन महाराष्ट्र में सरकार की अनुभवहीनता के चलते यह और भी विस्फोटक रूप लेती जा रही है.चिकित्सा विज्ञान और आधुनिक तकनीक की ताकत भी प्रदेश और मुंबई में कोरोना के विस्तार को रोक नहीं पा रही है.जिस तरह से इस वैश्विक बीमारी ने मुंबई में कोहराम मचा रखा है, उससे सरकार और प्रशासन के बीच तालमेल के अभाव को उजागर कर दिया है. चिकित्सा विज्ञान की सारी उपलब्धि धरी की धरी रह गई है. भारतीय आयुर्वेद और योग ने पुनः अपनी उपयोगिता साबित की है.मुंबई में बढ़ते कोरोना के प्रभाव पर नवनियुक्त महाराष्ट्र प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष जयप्रकाश ठाकुर से हमारे प्रतिनिधि ने खास बातचीत की.प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश.

कोरोना के संकट काल को आप किस रूप में देखते हैं ?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परिस्थितियों को भांपते हुए समय रहते देश मे लॉकडाउन की घोषणा की. जिससे कोरोना का प्रकोप देश में कम हुआ है.वर्तमान समय में कोरोना वैश्विक स्तर पर संपूर्ण मानव जाति पर अचानक आया हुआ संकट है, जिसका इलाज अभी तक भले ना निकला हो, किंतु इसके प्रसार के रोकथाम के तरीके के बारे में सभी को आवश्यक जानकारी है. वर्तमान में हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने व अपने परिवार के साथ बहुमूल्य समय का सदुपयोग करने के साथ कोरोना के संकट काल को खत्म कर सकते है.

इसके नियंत्रण में राज्य सरकार कितना सफल अथवा असफल हुई है ?

कोरोना के नियंत्रण मे राज्य सरकार शत प्रतिशत असफल साबित हुई है. राज्य में संक्रमितों के लिए अस्पतालों में बेड उपलब्ध नहीं है. मुंबई के केईएम व सायन हॉस्पिटल में प्रत्येक बेड पर दो-दो मरीजों को लिटाया जा रहा है. यहां तक कि शव के बगल के बेड पर मरीजों को लिटाया जा रहा है. समय पर बेड उपलब्ध ना होने के कारण ऑटोरिक्शा व एम्बुलेंस में मुंबईकर दम तोड़ने को मजबूर है. डेढ़ करोड़ की आबादी की जांच भी बेहद सुस्त तरीके से होने के कारण कोरोना का कहर मुंबई व महाराष्ट्र में लगातार जारी है. राज्य सरकार स्वतंत्र तौर पर कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है, लिहाजा राज्य सरकार कोरोना की रोकथाम में नाकामयाब साबित हुई है.

आखिर महाराष्ट्र और मुंबई में कोरोना के विस्फोट के लिए कौन, कितना जिम्मेदार है ?

कोरोना की रोकथाम के लिए कोई भी सही प्लानिंग ना होने व राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक ढंग से नियंत्रित ना कर पाने के कारण राज्य में कोरोना विस्फोटक की जिम्मेदार केवल राज्य की आघाड़ी सरकार ही है. किंतु राज्य में विपक्ष के नेता के तौर पर देवेंद्र फडणवीस कोरोना की रोकथाम हेतु पूरे राज्य के अस्पतालों में प्रत्यक्ष जाकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं व जिम्मेदार व सजग विपक्ष का कर्तव्य निर्वाह कर रहे है. तिकड़ी सरकार अपनी ही खिचड़ी पकाने में व्यस्त है. अधिकारी अपना एजेंडा चला रहे हैं.सब अंधेर नगरी चौपट राजा जैसे कारभार चल रहा है.

कोरोना काल में नवभारत के पाठकों को आप क्या संदेश देना चाहेंगे ?

मैं नवभारत के पाठकों को संदेश देना चाहता हूँ कि कोरोना से घबराने की कोई आवश्यकता नहींं है. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिए गए आवश्यक दिशा निर्देशों का उचित ढंग से पालन करने मात्र से कोरोना से बचा जा सकता है.बहुत जरूरी काम होने पर ही मास्क पहनकर व सेनिटाइजर के साथ घर से निकलें. भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचेंं व बार-बार अपने हाथों को अच्छे तरीके से धोएं. उचित खानपान का ध्यान रखें, इम्युनिटी बढ़ाने हेतु प्रतिदिन शारीरिक व्यायाम व योग करें.सकारात्मक सोच रखें. याद रहे की हार के बाद ही जीत है.