कैलास हिरावले बने नये फायर ब्रिगेड प्रमुख

  • कहा, आम लोगों के सहयोग की अपेक्षा
  • फायर सेफ्टी को लेकर लोगों को करेंगे जागरुक

मुंबई. बीएमसी स्थायी समिति में सिटी सेंटर मॉल (City Center Mall) में लगी आग और मुंबई के अन्य मॉलों को लेकर सवालों के बीच घिरे फायर ब्रिगेड को नया प्रमुख मिला है. कैलाश हिरावले को नया फायर ब्रिगेड प्रमुख (fire brigade chief)  के तौर पर नियुक्ति की गई है. इससे पहले प्रभात रहांगदले की जगह पर लाए गए शशिकांत काले को तत्काल प्रभाव से हटा कर हिरावले को फायर ब्रिगेड की कमान सौंपी गई है. हिरावले ने गुरुवार को पदभार ग्रहण किया.  इस संदर्भ में नये फायर चीफ कैलाश हिरावले ने नवभारत से बातचीत में कहा कि फायर सेफ्टी को लेकर आम लोगों को जागरूक करने का उनका प्रयास रहेगा. फायर फाइटिंग के दौरान लोगों के सहयोग की अपेक्षा रहेगी, इससे आग पर नियंत्रण पाने में आसानी होगी. 

हमारा काम किसी को तकलीफ देना नहीं 

विवादों में आये फायर ब्रिगेड पर हिरावले ने कहा कि हमारा काम किसी को तकलीफ देना नहीं है. प्रिवेंशन एक्ट के तहत यदि किसी के पास 10 सुरक्षा मानकों में से एक नहीं है तो हमारा काम उसे परेशान करना नहीं होना चाहिए. इसलिए उस सेफ्टी मेजर को पूरा करने के लिए समय दिया जाता है. फाइन भी लगाया जाता है, लेकिन सीजर करना उचित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि फायर ब्रिगेड की खामियों को गंभीरता से लेकर उसे दूर करेंगे. हमने आधिकारियों के साथ बैठक की है. सभी को सेवा प्रथम के लिए हिदायत दी गई है. आखिर हम जनता के सेवक हैं. 

उल्लेखनीय है कि कैलाश हिरावले फायर ब्रिगेड उप प्रमुख थे. उनको प्रमोशन देकर प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई है. फायर ब्रिगेड प्रमुख रहे प्रभात रहांगदले का अगस्त महीने में अचानक तबादला कर आपातकालीन विभाग में उपायुक्त के तौर पर भेजा गया था. शशिकांत काले फायर ब्रिगेड की जिम्मेदारी दी गई थी. लेकिन तीन महीने के भीतर ही उनको इस पद से हटा दिया गया. काले पर आरोप है कि राज्य राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए केंद्र और राज्य सरकार को गुमराह करने वाली जानकारी दी थी. उन पर कठोर कार्रवाई किए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है. शशिकांत काले के खिलाफ ज्वाईंट कमिश्नर मिलिन सावंत की तरफ से विभागीय जांच की जा रही है. जांच शुरू होने से पहले उन्हें फायर ब्रिगेड प्रमुख पद से हटा दिया गया है.

कैलाश हिरावले 16 फरवरी 1989 को फायर ब्रिगेड में भर्ती हुए थे. 26/ 11 हमले में भी उन्होंने बचाव कार्य अभियान में भाग लिया था. इसी प्रकार कमला मिल आग घाटकोपर के श्रेयस गार्डन इमारत दुर्घटना, होटल किनारा दुर्घटना आदि  प्रकरण में खुद शामिल रहे हैं. उनके उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए 2019 में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.