चली लाइफ लाइन, रेलवे ने की पूरी तैयारी

  • रेलवे का सरकार को सुझाव: बदलें ऑफिस की टाइमिंग

मुंबई. पूरे 7 माह बाद लोकल ट्रेन  (Local Train) बुधवार की सुबह 11 बजे से आम महिलाओं के लिए दौड़ने तो लगी, जिससे महिलाओं में गर्मजोशी तो दिखी. पर सवाल यह पूछा जा रहा है कि सुबह 11 बजे का टाइम रखने से ऑफिस जाने वालों का कोई खास फायदा नहीं होने वाला है. कोरोनाकाल में चल रही लोकल में अत्यधिक भीड़ न हो, इसके लिए टाइम स्टेगरिंग (अलग अलग समय पर ऑफिस खोलना और बंद करने) का सुझाव रेलवे की तरफ से राज्य सरकार को दिया गया है. बुधवार को मंत्रालय में रेल व राज्य सरकार के अधिकारियों की बैठक में मुंबई की विभिन्न ऑफिसों के कार्य समय में बदलाव का मुद्दा उठा. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार की शर्तों के अनुरूप लोकल का संचालन हो रहा है. यदि टाइम स्टेगरिंग की गई तो मुंबई लोकल में लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ यात्रा करने में आसानी होगी.

महिलाओं की ड्यूटी ऑवर समस्या बरकरार

महिलाओं को सबेरे 11 से 3 बजे और शाम को 7 बजे से लोकल में यात्रा की इजाजत दी गई है, जबकि ज्यादातर कार्यालय सबेरे 10 बजे से शुरू होते हैं, ऐसे में ज्यादातर कामकाजी महिलाओं के लिए ड्यूटी की समस्या बरकरार है. तेजस्वीनी महिला रेल प्रवासी संगठन की अध्यक्ष लता बारगड़े ने कहा कि ट्रेन के समयानुसार ही ऑफिस के समय में भी परिवर्तन होना चाहिए. लता बारगड़े के अनुसार ऑफिसों में कार्य के घंटों में कमी के साथ समय में बदलाव होने पर ही महिलाओं को लोकल ट्रेन का फायदा मिल सकेगा, अन्यथा कोरोनाकाल तक समस्या बरकरार रहेगी.

1410 फेरियों का संचालन

बुधवार से मध्य व पश्चिम रेलवे पर 1410 फेरियां चल रहीं हैं. मध्य रेल पर 706 जबकि पश्चिम रेलवे पर 704 लोकल फेरियां चलाई जा रहीं हैं. बुधवार से पश्चिम रेलवे पर 4 अतिरिक्त महिला स्पेशल चलाई जा रही है. अत्यावश्यक कर्मचारियों के अलावा सभी महिलाओं को सबेरे 11 से 3 और शाम 7 बजे से विशेष लोकल से यात्रा की परमिशन दी गई है. आम महिलाओं के लिए क्यूआर कोड या आईडी कार्ड अनिवार्य नहीं है.

10 लाख यात्रियों के लिए पर्याप्त लोकल

इस समय पश्चिम व मध्य रेलवे पर चलाई जा रही लोकल 1410 फेरियां 10 लाख यात्रियों के लिए पर्याप्त हैं. सीपीआरओ सुमित ठाकुर ने बताया कि पश्चिम रेलवे पर चल रहीं 706 फेरियां के लगभग 5 लाख यात्रियों के लिए उपयुक्त हैं. बुधवार को लगभग 25 हजार महिलाओं ने लोकल यात्रा की. सीपीआरओ ठाकुर ने कहा कि पश्चिम रेलवे की लोकल से इस समय लगभग सवा तीन लाख लोग रोजाना यात्रा कर रहे हैं. सोशल डिस्टेंसिंग एवं सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए लोकल चलाई जा रही है. मध्य रेलवे के सीपीआरओ शिवाजी सुतार के अनुसार आम महिलाओं के लिए पहले दिन चली लोकल में कोई भीड़ आदि की समस्या नहीं हुई. शिवाजी सुतार ने कहा कि कोविड से संबंधित सभी मेडिकल व सोशल प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है.