मनपा ने एक तीर से साधे कई निशाने

  • ‘एमपीएमजे’ के तहत जुटा रही मरीजों का डाटा 

सूरज पांडेय

मुंबई. कोरोना मरीजों को खोजने के लिए चलाई जा रही मुहिम ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ (एमपीएमजे) के तीर से मनपा कई स्वास्थ्य संबंधित बीमारियों को निशाना बना रही है. बीएमसी कोरोना के मरीजों के साथ-साथ अन्य संक्रामक और गैर संक्रामक रोगों से ग्रसित लोगों का डाटा भी इकट्ठा कर रही है. सर्वे होने के बाद बीएमसी यह अध्य्यन करेगी की किस वार्ड में कौन से रोगी अधिक हैं और उस हिसाब से इलाज की तैयारी की जाएगी.

 वार्ड अनुसार अलग ही डाटा रख रही

मुंबईकरों में गैर संक्रामक रोग जैसे डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हृदय संबंधित रोग से लाखों लोग ग्रसित हैं. वहीं टीबी से भी सालाना हजारों लोग ग्रसित होते हैं. आमतौर पर बीएमसी सब के लिए अलग-अलग मुहिम के तहत मरीजों की खोज करती है, लेकिन इस बार बीएमसी एमपीएमजे के तहत मरीजों का वार्ड अनुसार अलग ही डाटा रख रही है, जिसमें कोरोना के अलग, टीबी के अलग, डायबिटीज के अलग और हाइपरटेंशन के मरीजों का अलग से डाटा एकत्रित कर रही है. 

स्वास्थ्य योजना बनाने के लिए रोड मैप साबित होगा

अतिरिक्त मनपा आयुक्त (स्वास्थ्य) सुरेश काकानी ने कहा कि हम स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से निपटने के लिए अलग स्ट्रेटेजी बना रहे हैं. वार्ड वाइस मरीजों का अलग डाटा मिलने से हमें यह पता चलेगा कि किस वार्ड में कौन से रोगी सबसे ज्यादा हैं. उदाहरण के तौर पर मान लीजिए की बी वार्ड में डायबिटीज के मरीज अन्य वार्ड की तुलना में अधिक हैं तो हम संबंधित वार्ड के लिए अलग हेल्थ स्ट्रेटेजी बनाएंगे, जिसमें हमारा फोकस डायबिटीज से ग्रसित लोगों फिट रखने के लिए और उनके शुगर को कंट्रोल करने के लिए उपय योजना करेंगे. इसी प्रकार मानखुर्द में टीबी के अधिक मामले आते हैं तो हम वहां टीबी की रोकथाम के लिए जनजागृति, रोगियों के इलाज के लिए डेडिकेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा. फिलहाल जो हम डाटा इकट्ठा कर रहे हैं वो भविष्य में हमारे लिए स्वास्थ्य योजना बनाने के लिए रोड मैप साबित होगा.