खाली दौड़ रही है मोनो रेल, नहीं मिल रहे हैं यात्री

  • सख्त नियमों का असर

मुंबई. कोरोना महामारी में लॉकडाउन के चलते की लगभग 7 माह बाद शुरू हुई मोनो रेल में यात्रियों का टोटा नजर आ रहा है. 22 मार्च से बंद मोनोरेल को पिछले 18 अक्तूबर से खोल दिया गया, परंतु यात्रियों के अभाव में ज्यादातर समय ट्रेन खाली ही दौड़ रही है. चेंबूर-वडाला-जैकब सर्कल ट्रैक पर चलने वाली एमएमआरडीए की मोनो रेल में लोग सफ़र करना फ़िलहाल टाल रहे हैं. 

मोनो रेल के एक अधिकारी के अनुसार, रोजाना 68 ट्रिप चलाई जा रही है. इस समय कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार प्रति ट्रेन मात्र 124 यात्रियों को चलने की इजाजत दी गई है, लेकिन उसके एक चौथाई यात्री ही मोनो को मिल रहे हैं. लॉकडाउन के पहले प्रति फेरी 500 से ज्यादा यात्रियों को लेकर चलने की क्षमता मोनो रेल की रही है.

दिन भर में मात्र 2100 यात्री

बताया गया कि इस समय मोनो रेल में दिन भर में मात्र 2100 यात्री ही यात्रा कर रहे हैं. मुंबई में ज्यादातर ऑफिस और अन्य प्रतिष्ठान खुल गए हैं. आम यात्रियों को इजाजत नहीं होने के बावजूद मुंबई लोकल में भीड़ हो रही है. मेट्रो और बेस्ट बसों को भी भरपूर यात्री मिल रहे हैं, जबकि मोनो रेल में काफी  कम लोग यात्रा कर रहे हैं. औसत रूप से देखा जाय तो प्रति फेरी मात्र 35 लोग ही मोनो से यात्रा कर रहे हैं. चेम्बूर से जेकब सर्कल तक लगभग 20 किमी के ट्रैक पर सुबह 6.24 बजे से लेकर देर रात को 11.03 बजे तक मोनो दौड़ती है.

इस समय प्रति आधे घंटे पर मोनो की ट्रिप

इस समय प्रति आधे घंटे पर मोनो की ट्रिप हो रही है. कोरोनाकाल में सरकार ने मोनो रेल में यात्रा करने वालों के लिए गाइडलाइन जारी की है. बिना मास्क के यात्रियों को मोनो रेल में चढ़ने की इजाजत नहीं है. साथ ही यात्रियों को  आरोग्य सेतु एप इंस्टॉल कर ग्रीन का सिग्नल दिखाना होता है. टोकन टिकट की जगह  यात्रियों को फोन पर डिजिटल टिकट की सुविधा दी गई है. मोनो स्टेशनों पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी की जा रही है. अधिकारियों के अनुसार, कोरोना में सख्त नियम के चलते काफी कम यात्री मोनो से यात्रा करना पसंद कर रहे हैं. उल्लेखनीय है कि मोनो का संचालन शुरू से ही काफी महंगा रहा है. 300 से ज्यादा का स्टाफ मोनो रेल के संचालन में लगा हुआ है.