मुंबई की प्रदूषण मुक्त दीपावली

  • लक्ष्मी पूजा के अगले दिन भी हवा की गुणवत्ता ठीक

मुंबई. इस वर्ष मुंबई में मनाई गई दीपावली को प्रदूषणमुक्त कहा जाए तो गलत नहीं होगा. मुंबईकरों ने पटाखें न फोड़ते हुए बेहद सादगी से त्योहार को मनाया नतीजतन इस बार त्योहार के तीसरे दिन में वायु की गुणवत्ता मध्यम दर्ज की गई. एक्सपर्ट्स ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद सकारात्मक बात है कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष प्रदूषण का स्तर काफी कम रह है.

दीपावली के समय मुंबई की रौनक ही अलग रहती है. रंग बिरंगी लाइट्स के साथ ढेर सारी आतिशबाजी होना ही है. आमतौर पर दीपावली के पहले से ही वायु गुणवत्ता खराब होने लगती है. लक्ष्मी पूजा और उसके अगले 2 दिनों तक वायु की गुणवत्ता 250 से 300 एक्यूआई तक पहुंच जाती है. इस वर्ष कोरोना महामारी ने काफी कहर बरपाया है. फेफड़े को क्षति पहुंचाने वाले कोरोना वायरस मरीज पर इस कदर हावी हो जाते हैं कि अधिकतर मरीजों को सांस लेने में ही सबसे ज्यादा परेशानी होती है. ऐसे में राज्य सरकार ने इस बार मुंबईकरों को सादगी से दीपावली मनाने की अपील की थी. 

वायु की गुणवत्ता में और भी सुधार देखने को मिला

आतिशबाजी पर भी काफी हद्द तक पाबंदी लगाई गई थी. वायु गुणवत्ता पर नजर रखने वाली सिस्टम ऑफ एयर क्वॉलिटी ऐंड वेदर फॉरकॉस्टिंग ऐंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक धनतेरस की दिन मुंबई की वायु गुणवत्ता 163 एक्यूआई दर्ज की गई थी, जबकि लक्ष्मी पूजा के दिन वायु की गुणवत्ता में और भी सुधार देखने को मिला. शनिवार को मुंबई की वायु गुणवत्ता 111 और रविवार को 115 एक्यूआई दर्ज की गई जो की मध्यम के श्रेणी में आती है. सफर के निदेशक गुफरान बैग ने बताया कि आमतौर पर दीवाली के समय मुंबई की वायु गुणवत्ता खराब या बहुत खराब रहती है, लेकिन इस बार कोरोना को ध्यान में रखकर सादगी से दीपावली मनाई है. 

पटाखों की आवाज नीचे

मुंबई में पिछले 3 साल की तुलना में इस वर्ष सबसे कम ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया. आवाज फाउंडेशन के अनुसार, 14 नवंबर को शिवजी पार्क में सबसे अधिक ध्वनि प्रदूषण 105.5 डीबी दर्ज किया गया. वर्ष 2019 में दीवाली के दौरान मुंबई में 112.3 डीबी, वर्ष 2018 में 114.1 डीबी और वर्ष 2017 में 117 डीबी ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया था. आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि किस तरह ध्वनि प्रदूषण पर भी कुछ हद्द तक अंकुश लगा है. मुंबईकरों ने इस वर्ष काफी समझदारी दिखाते हुए और नियमों का पालन करते हुए कम पटाखें फोड़े हैं. इससे वायु और ध्वनि प्रदूषण में गिरावट दर्ज की गई है.

हवा की गुणवत्ता का पैमाना

  • 0 से 50 एक्यूआई – अच्छा
  • 51 से 100 एक्यूआई – ठीक
  • 101  से 200 एक्यूआई – माध्यम
  • 201 से 300 एक्यूआई – खराब
  • 301 से 400 एक्यूआई – बेहद खराब
  • 400 से ऊपर – गंभीर

कहां कितना एक्यूआई

  • चेंबूर       – 193
  • कोलाबा     – 156
  • अंधेरी        – 141
  • माजगांव    – 75
  • वर्ली          – 171
  • बोरीवली    – 113
  • बीकेसी      – 168
  • चेंबूर         – 245
  • मालाड       – 90
  • भांडुप       – 107