State Congress President Thorat will resign!

  • कामगार व किसान कानून का विरोध

मुंबई. केंद्र की मोदी सरकार की मजदूर व किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ 26 नवंबर के राष्ट्रव्यापी बंद का प्रदेश कांग्रेस व शिवसेना व राकां ने समर्थन किया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोरात ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियां कामगार व किसान विरोधी है. उन्होंने कहा कि विभिन्न किसान व मजदुर संगठन द्वारा बुलाई गई इस बंद का कांग्रेस पुरजोर समर्थन करती है. थोरात ने कहा कि पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरु व इंदिरा गांधी ने कामगारों की हितों की रक्षा के लिए 44 कानून बनाए थे, लेकिन मोदी सरकार किसानों व मजदूरों को उद्योगपतियों का गुलाम बनाने के लिए कानून बना रही है.

किसानों व कामगारों कमजोर बनाने की साजिश

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एकनाथ गायकवाड़ ने कहा कि बीजेपी सरकार ने पुराने श्रमिक व किसान कानूनों को निरस्त कर कामगारों व किसानों को कमजोर बनाने की साजिश रच रही है. उन्होंने कहा कि इस बंद में मुंबई कांग्रेस के सभी प्रमुख नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय रूप से भाग लेंगे. गायकवाड़ ने सभी सरकारी एजेंसियों, निजी संगठनों, श्रमिकों, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, उद्यमियों और आम जनता से भारत बंद को समर्थन देने की अपील की है. 

शिवसेना का समर्थन

26 नवम्बर के बंद का शिवसेना ने भी समर्थन किया है. इस बात की जानकारी शिवसेना सांसद अनिल देसाई ने दी है. उन्होंने कहा कि इस बंद में आपातकालीन सेवा और  बेस्ट के कर्मचारी भाग नहीं लेंगे. महाराष्ट्र में 12 ट्रेड यूनियन की समितियों में शिवसेना के सदस्य हैं.