narendra modi
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    मुंबई. पश्चिम रेलवे (Western Railway) के गांधीनगर कैपिटल रेलवे स्टेशन (Gandhinagar Capital Railway Station) के अंतरराष्ट्रीय महत्व (International Importance) को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के मार्गदर्शन में इस महत्वपूर्ण स्टेशन को फाइव स्टार लुक प्रदान किया गया है। गांधी नगर कैपिटल स्टेशन का डेवलपमेंट, अपग्रेडेशन के साथ कॉम्प्लेक्स एरिया के भीतर ही फाइव स्टार होटल की उत्कृष्ट आवासीय सुविधा  उपलब्ध कराई गई है।

    स्टेशन के पुनर्विकास के साथ इसके ऊपर 318 कमरे वाले 5-स्टार होटल का निर्माण किया गया है। यहां मल्टीप्लेक्स, गेम जोन, फूड कोर्ट, शॉपिंग एरिया आदि के लिए लगभग 7400 वर्गमीटर के वाणिज्यिक विकास की भी संभावना है। यहां एमएमसीसी में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिनिधियों की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।  पुनर्विकसित स्टेशन और अतिरिक्त ट्रेनों की संभावना के साथ-साथ अहमदाबाद-मोटेरा से महात्मा मंदिर तक वर्ष 2024 की शुरुआत में मेट्रो परिचालन का लक्ष्य है।  सरखेज-गांधीनगर राजमार्ग के 6 लेन के साथ इस कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जा रहा है।  पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ सुमित ठाकुर के अनुसार इस स्टेशन का पुनर्विकास में 71 करोड़ से अधिक खर्च किए गए हैं। 

    प्रधानमंत्री की विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर की सोच के परिणामस्वरूप ही महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर परिसर का निर्माण हुआ है।  एमएमसीसी ने दुनिया भर के राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों, सभासदों, राजदूतों और प्रमुख उद्योगपतियों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों आदि की मेजबानी की है।  हालांकि यहां जो एकमात्र कमी वॉकिंग डिस्टेन्स में ठहरने के लिए उपयुक्त आवास की थी वह भी अब पूरी हो गई है।  गांधी नगर कैपिटल का पुनर्निर्माण गुजरता की ग़ांधीनगर रेलवे एंड अर्बन डेवलोपमेन्ट कंपनी व इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेन्ट कॉर्पोरेशन के माध्यम से किया गया है।  इसे मास्टर प्लान के तहत विकसित किया गया है। गांधी नगर कैपिटल फाइव स्टार सुविधाओं से लैस देश का पहला स्टेशन बन गया है। 

    5 स्टार सुविधाओं से परिपूर्ण

    • विश्व स्तरीय रेलवे स्टेशनों के लिए भारत के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार 3 प्लेटफार्मों (एक एंड प्लेटफ़ार्म और एक आइलेंड प्लेटफ़ार्म) का पुनर्विकास किया गया है।
    • 2 एस्केलेटर, 3 लिफ्ट और 2 पैदल यात्री सब-वे के जरिए सभी प्लेटफार्मों जुड़े हैं।
    • विभिन्न स्थानों पर 300 लोगों के बैठने की क्षमता है।
    • सेंट्रलाइज्ड एसी मल्टीपर्पस हॉल, बेबी फीडिंग रूम, सब-धर्म प्रार्थना हॉल और फ़र्स्ट एड रूम मौजूद हैं।
    • ऑडियो-वीडियो एलईडी स्क्रीन के साथ आर्ट गैलरी के लिए एक समर्पित प्रदर्शन क्षेत्र।
    • 100% दिव्यांग अनुकूल स्टेशन।
    • प्लेटफॉर्म के ऊपर 105-मीटर स्पैन का कॉलम फ्री एल्युमीनियम की छत।
    • 5-स्टार रेटिंग के साथ सस्टेनेबिलिटी ग्रीन बिल्डिंग प्रोजेक्ट।
    • 318 कमरे,मीटिंग रूम, बिजनेस सेंटर्स, बोर्ड रूम्स, क्लब लाउंज आदि जो महात्मा मंदिर में आने वाले और होटल में रहने वाले प्रतिनिधियों के लिए उपयोगी होंगे।

    सयुंक्त उपक्रम

    • स्वामित्व: गरुड़ (गांधीनगर रेलवे व शहरी विकास कंपनी लिमिटेड)- गुजरात सरकार (74% स्टेकहोल्डर) और रेल मंत्रालय (26 % स्टेक होल्डर) के बीच गठित एक एसपीवी।
    • परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी): इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड।
    • परियोजना समन्वयक: सीईपीटी विश्वविद्यालय, अहमदाबाद।
    • परियोजना का कुल बिल्ट-अप-एरिया: 8,09,388 वर्गफुट, स्टेशन- बिल्ट-अप-एरिया: 2,10,427 वर्ग फुट ।

    वडनगर का भी विकास

    • इस रूट पर एक और महत्वपूर्ण स्टेशन वड़नगर का विकास किया गया है।
    • वड़नगर-मोढेरा-पाटन हेरिटेज सर्किट के तहत इसे विकसित किया गया है। 
    • यह वही स्टेशन है, जहां पीएम बचपन में चाय बेचने का काम किया करते थे। 
    • इस स्टेशन को यात्री सुविधाओं के साथ लैस कर नया आधुनिक लुक दिया गया है। 
    • 16 जुलाई को पीएम मोदी इन परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे।