पलाश बोस की गतिविधियाँ संदिग्ध

  •  बार-बार बदल रहा बयान
  • अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन की हो रही जांच
  • शिवसेना सांसद संजय राउत को धमकी का मामला

मुम्बई. शिवसेना नेता संजय राउत को धमकी देने के मामले में महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के गिरफ्त में आए पलाश बोस (49) की गतिविधियां काफी संदिग्ध है. उसके अंडरवर्ल्ड से संबंध होने की जांच की जा रही है. वह अपने बयान बार-बार बदल रहा है. उसके 2 मोबाइल की जांच में सामने आया है कि बोस दुबई के 27 नंबरों पर संपर्क में था. वह वाट्सअप चैट करता था, उसे डीलिट कर देता था.

 शिवसेना सांसद संजय राउत को वाट्सअप चैट पर अंडरवर्ल्ड डान दाऊद इब्राहिम के नाम से धमकी देने के बाद चैट डीलिट कर दिया था. एटीएस ने उस पर सबूत नष्ट करने का भी मामला दर्ज किया है. एटीएस ने उसके दोनों मोबाइल कालिना फारेंसिक लेबोरेटरी में जांच के लिए भेजा है. अदालत ने पलाश बोस को 19 सितंबर तक के लिए एटीएस के हिरासत में भेजा है. एटीएस उससे गहन पूछताछ कर रही है.

एप अपलोड कर देता था धमकी

एटीएस के जांच अधिकारी ने बताया कि कोलकाता के पॉश इलाके टॉलीगंज का रहने वाले बोस ने राउत के अलावा एनसीपी प्रमुख शरद पवार के घर, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मातोश्री और गृह मंत्री अनील देशमुख के घर पर फोन कर जान से मारने की धमकी देने का जुर्म कबूल किया है. वह अलग-अलग ऐप अपलोड कर इंटरनेशनल कॉल करता था. काल करने के बाद एप को अन इनस्टॉल कर देता था.

पकड़े जाने का नहीं था अंदाजा

अधिकारियों के अनुसार, वह सोचता था कि उस तक पुलिस पहुंच नहीं सकती है. इसको लेकर बोस निश्चिंत था, लेकिन उसके सतर्कता बरतने के बाद भी एटीएस की टीम ने 12 सितंबर को उसे ट्रेस कर कोलकाता के पॉश इलाके टॉलीगंज स्थित घर से गिरफ्तार किया, तो उसके होश उड़ गए.

कंगना का प्रसंशक

उसने पहले तो धमकी देने के आरोप से इंकार किया, लेकिन बाद में उसने स्वीकार कर लिया कि वह 2 से 8 सितंबर के बीच महाराष्ट्र के नेताओं को फोन कर धमकी दी थी. उसने सुशांत सिंह राजपूत मामले से दूर रहने की चेतावनी दी थी. बोस ने अभिनेत्री कंगना रनौत का प्रसंशक होने और उनके समर्थन में धमकी देने की बात कही है.

इंटरनेट से निकाला नेताओं के नंबर

बोस ने नेताओं के नंबर इंटरनेट से मिलने की बात बतायी है. बीएसई ग्रेज्युएट एवं जिम ट्रेनर पलाश बोस ने 15 साल तक दुबई में रह कर नौकरी करने का भी दावा किया है.