Caution: workers of Sevagram and Savangi hospitals also turned positive

मुंबई. मनपा प्रशासन की तरफ से दावा किया जा रहा है कि मुंबई में कोरोना का प्रभाव लगातार कम हो रहा है.मरीजों की संख्या दोगुना होने की अवधि बढ़ कर 36 दिन हो गयी है.लेकिन कोरोना का प्रभाव जहां एक तरफ कम हो रहा है वहीं दूसरी तरफ बढ़ रहा है.उपनगरों में पिछले कुछ दिनों से कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ा है.जिसको देखते हुए मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने अधिकारियों को रैपिड एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है. जिसकी घोषणा सोमवार को अंधेरी में आयोजित एक कार्यक्रम में की जा सकती है.

मरीजों की संख्या में इजाफा जारी 

 मनपा प्रशासन का दावा है कि घाटकोपर एवं आस पास के इलाकों में कोरोना कंट्रोल हो गया है.मनपा के एन वार्ड में कोरोना मरीजों की संख्या दोगुना होने की अवधि बढ़ कर 43 दिन हो गयी है.कोरोना मरीजों के बढ़ने की तीव्रता केवल 1.6 प्रतिशत है.मनपा प्रशासन का यह दावा आंकड़ों के आधार पर है, लेकिन मरीजों की संख्या में इजाफा जारी है.मनपा के एन वार्ड में 8 जून को कोरोना मरीजों की संख्या 2531 थी जो अब बढ़ कर 3371 हो गयी है.मुंबई में सबसे अधिक कोरोना प्रभावित वार्डों की सूची में घाटकोपर का 8 वां स्थान है.के पूर्व वार्ड पहले स्थान पर पहुंच गया है.

घाटकोपर की झोपड़पट्टियों में बढ़ रहा कोरोना का प्रभाव

 घाटकोपर एवं विक्रोली की झोपड़पट्टियों में कोरोना का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है.विक्रोली पार्कसाइट कोरोना का हॉटस्पॉट बन रहा है.पूर्व नगरसेवक एवं शिवसेना नेता हारुन खान के मुताबिक विक्रोली पार्क साइट के सागरनगर, बीएमसी कालोनी, अपरडिपो पाड़ा, लोवरडिपो पाड़ा, सहित अन्य इलाकों में कोरोना संक्रमण का प्रभाव बढ़ा है.अस्पतालों में लूट खसोट मची है जिसकी वजह से ज्यादातर लोग घर पर रह कर ही दवा ले रहे हैं. शिवसेना नगरसेविका स्नेहल मोरे का कहना है कि यह सही है कि पार्क साइट इलाके में कोरोना मरीजों की संख्या अधिक है, लेकिन कंट्रोल में है.लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने के लिए कहा जा रहा है.

16 इलाकों को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया गया 

पार्क साइट के अलावा घाटकोपर के गोलीबारी रोड, भटवाड़ी, पंतनगर, इंदिरा नगर, भीमनगर, जागृति नगर सहित अन्य क्षेत्रों में कोरोना वायरस का प्रभाव देखने को मिल रहा है. मनपा के एन वार्ड में लगभग 16 इलाकों को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया गया है जबकि 311 इमारतों को सील किया गया है.हर रोज 35 से अधिक कोरोना मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में दाखिल कराया जा रहा है.

नहीं हो रही जांच

घाटकोपर में कोरोना की स्थिति आंकड़ों से अलग है.अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे हैं, जांच नहीं हो रही है जिसकी वजह से लोग घरों में ही रहकर खुद ही इलाज कर रहे हैं. सांस लेने में तकलीफ बढ़ने के बाद ही अस्पताल जा रहे हैं. 

– पराग शाह, विधायक,बीजेपी

अनलॉक का साइड इफेक्ट्स

लॉकडाउन शिथिल होने के बाद विक्रोली पार्क साइट व आस पास के इलाकों में कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है.बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें समझाने के बावजूद बगैर मास्क लगाए बाहर निकलते हैं.जहां कहीं भी संक्रमण की सूचना मिलती है वहां निर्जन्तुकरण के लिए सेनिटाइजर का छिड़काव कराया जाता है. – ज्योति हारुन खान,नगरसेविका, राकां

स्वास्थ्य सुविधा बदहाल

घाटकोपर में कोरोना पीड़ितों की संख्या कम हुई है, लेकिन बारिश के दौरान इसका प्रभाव निश्चित रुप से बढ़ेगा.एन वार्ड में मनपा का कोई बड़ा अस्पताल नहीं है.स्वास्थ्य सेवा बदहाल है.आईसीयू एवं वेंटिलेटर के लिए दूसरों पर डिपेंड होना पड़ता है.मानसून को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधा को सुदृढ़ करने की जरुरत है. – भालचंद्र शिरसाट, नगरसेवक, बीजेपी प्रवक्ता