टूट रहा एसटी कर्मचारियों का सब्र, परेल एसटी डिपो में आंदोलन

  • मदद को लेकर सरकार की चुप्पी

मुंबई. भारी आर्थिक संकट के चलते एसटी कर्मचारियों को पिछले कई माह से वेतन नहीं मिल पा रहा है.समय पर वेतन न मिलने के बावजूद काम पर आ रहे एसटी कर्मचारियों के सब्र का बांध टूटने लगा है.शुक्रवार को परेल डिपो में वेतन सहित कई मुद्दों को लेकर एसटी कर्मचारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया. घन्टों तक काम बंद आंदोलन के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद एसटी कर्मचारी काम पर वापस लौटे.

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र की ‘लालपरी’ कही जाने वाली एसटी बसों का आवागमन कोरोना के चलते काफी प्रभावित हुआ है.पहले से ही भारी नुकसान में चल रहे एसटी महामंडल का इन 6 माह में 3500 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है.इसकी वजह से एसटी कर्मचारियों को तीन माह का वेतन नहीं मिल पाया है. 

कर्मचारियों को नोटिस

लॉकडाउन में काम पर न आने वाले कई कर्मचारियों को राज्य परिवहन निगम ने नोटिस भेजा है,तो कई ड्राइवरों को निलंबित भी कर दिया है.इससे कर्मचारियों में नाराजगी भी है.वैसे बड़ी संख्या में ऐसे भी कर्मचारी हैं,जो मार्च माह से डयूटी पर ही हाजिर नहीं हुए हैं.

18 हजार बस के बेड़े में 1 लाख कर्मचारी 

राज्य परिवहन निगम के बेड़े में लगभग 18 हजार बसें हैं.इनके परिचालन के लिए निगम के पास 1 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की फौज है.आय का लगभग 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा कर्मचारियों-अधिकारियों के वेतन भत्तों पर खर्च होता रहा है.कोरोनाकाल में लॉकडाउन के चलते एसटी की आय काफी कम हो गई जबकि ख़र्च बढ़ता गया है.कर्मचारियों को वेतन देने के लिए राज्य परिवहन निगम  सरकार से मांग कर रही है.दो माह पहले राज्य सरकार ने कर्मचारियों के बकाया वेतन के लिए 500 करोड़ रुपए मदद के रूप में दिए थे,लेकिन इस समय राज्य सरकार ने भी मदद से हाथ खींच लिए हैं.तीन दिन पहले इस मुद्दे पर परिवहन मंत्री एड अनिल परब और वित्त मंत्री अजित पवार के बीच बैठक भी हुई.पता चला है कि राज्य सरकार ने भी अपनी खराब वित्तीय हालत का कारण बता कर मदद से पल्ला झाड़ लिया है.

वेतन के लिए बैंक से कर्ज लेगी एसटी

राज्य सरकार द्वारा और मदद से इंकार किए जाने पर अब बैंकों से कर्ज लेकर कर्मचारियों का वेतन अदा करने पर विचार किया जा रहा है.परिवहन मंत्री एड परब ने इसके संकेत भी दिए हैं.पता चला है कि कुछ बैंको से कर्ज के लिए संपर्क किया गया है,परंतु गारंटी को लेकर भी कुछ अड़चने हैं.इस बीच कई माह वेतन से वंचित एसटी कर्मचारी राज्य में कोरोना के बीच अपने काम को लेकर भी  भ्रमित नजर आ रहे हैं.