GANPAT PATIL NAGAR
प्रतीकात्मक तस्वीर

    मुंबई. मालाड हादसे (Malad Accident) में 12 लोगों की मौत (Death) और 19 लोगों के घायल होने के बाद मुंबई (Mumbai) में चल रहा अवैध निर्माण (illegal Construction) एक बार फिर बहस का मुद्दा बन गया है। मुंबई के मालाड, मालवणी, बांद्रा पूर्व के गरीब नवाज नगर, दहिसर के गणपत पाटिल नगर, वडाला पूर्व की झोपड़पट्टियों में 3 से 4 मंजिला अवैध निर्माण किया गया है। प्रशासन के नाक के नीचे हो रहे अवैध निर्माण मौत को दावत दे रहे हैं। मालवणी का अवैध निर्माण तो केवल उदाहरण मात्र है। 

    मुंबई की 60 फीसदी आबादी स्लम में रहती है। इस घटना के बाद लोगों में भय का वातावरण है, लेकिन बीएमसी प्रशासन अवैध निर्माण को लेकर उदासीन दिखाई दे रहा है। कोरोना काल में एक वर्ष के दौरान 10 हजार  घरों का अवैध निर्माण किया गया है, मात्र 500 अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई है।  मुंबई में बीएमसी के 24 वार्डों में अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने वाला विशेष विभाग कार्यरत हैं, उसके बावजूद धडल्ले से अवैध निर्माण किया जा रहा है। 

    पांच वर्ष में 1.5 लाख अवैध निर्माण

    आरटीआई कार्यकर्ता शकील अहमद के अनुसार, वर्ष 2016 से अब तक यानी पांच वर्ष में 1.35 लाख अवैध निर्माण किया गया है, लेकिन बीएमसी अधिकारी शिकायतों पर ध्यान नहीं देते। इस संदर्भ में अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। 

    हर साल मानसून के समय गिरते हैं अवैध निर्माण

    मानसून के समय मुंबई में इमारतों के गिरने की घटनाएं होती ही रहती है। मुंबई में अवैध झोपड़े भी तीन से चार मंजिला बना लिए गए हैं जो दुर्घटना को न्योता दे रहे हैं। इन घटनाओं के बाद भी अवैध निर्माण का सिलसिला जारी है। मुंबई में बांद्रा के बहराम पाडा, कुर्ला कसाईवाडा, साकीनाका, जोगेश्वरी बेहरामबाग, भांडुप खिंडी पाडा, घाटकोपर खैरानी रोड, विक्रोली पार्क साईट, इन इलाकों में  हर साल अवैध झोपड़े गिरने की घटनाएं होती है।  सरकारी जमीन पर बने अवैध झोपडों का बहाना बना कर मनपा कार्रवाई करने से हाथ झटक लेती है।।

    हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी

    मुंबई हाईकोर्ट ने बीएमसी को सभी अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश पहले ही दे चुकी है। लॉकडाउन के दौरान लोग बेघर न हों इसलिए कोर्ट ने 1 जून तक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है। यह समय सीमा बढ़ा कर अब 30 जून कर दिया गया है। राजनीतिक संरक्षण के कारण अवैध निर्माण करने वाले भूमाफिया इसका पूरा फायदा उठा रहे हैं। 

    दो वर्ष पूर्व गिरी थी कैसर मेन्शन इमारत 

    डोंगरी में दो वर्ष पूर्व गिरी कैसर मेन्शन इमारत गिर गई थी जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी। यह इमारत भी अवैध रुप से बनी थी। दो मंजिला इमारत को बढ़ा कर पांच मंजिला बना दिया गया था। कुर्ला कसाई वाडा में कुछ साल पूर्व तीन मंजिला झोपडा गिरा था जिसमें  कई लोगों की जान गई थी। अंटापहिल स्थित जीटीबी नगर पंजाबी कालोनी की सभी 25 इमारतों को अवैध निर्माण से लाद दिया गया था। बीएमसी एफ उत्तर विभाग ने सभी इमारतों का बिजली पानी काट कर खाली करा लिया था, लेकिन कुछ लोग फिर से यहां रहने लगे थे। मालाड हादसे के बाद इमारत क्रमांक 24 को खाली करा कर स्टील शीट से कवर कर दिया गया है। एफ उत्तर  विभाग के सहायता आयुक्त गजानन बेल्लाले ने बताया कि लोगों के विरोध के बावजूद अधिकांश इमारतों को खाली करा लिया गया है।