PMC Bank case: court asks for information about Wadhavan and son's health

  • गृहराज्य मंत्री पाटिल ने पूर्व मंत्री वायकर को दी जानकारी 
  • नहीं चुकाया गया है 6121.07 करोड़ रुपए का लोन 

मुंबई .घोटाले में डूबा पीएमसी बैंक एक बार फिर शुरू हो सकता है. राज्य सरकार की तरफ से कहा गया है कि बैंक की सबसे बड़ी कर्जदार एचडीआईएल की प्रापर्टी बेचने के बाद शीघ्र ही पीएमसी बैंक शुरू किया जाएगा. इस संदर्भ में गृह राज्यमंत्री सतेज पाटिल ने  शिवसेना विधायक और पूर्व राज्यमंत्री रविंद्र वायकर को लिखित जानकारी दी है. 

वायकर ने पीएमसी बैंक घोटाले का मुद्दा उठाया था

महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन अधिवेशन में  पूर्व राज्यमंत्री रविंद्र वायकर ने पीएमसी बैंक घोटाले का मुद्दा उठाया था. जिसके तहत सरकार की तरफ से पूरी जानकारी दी गयी है. गृह राज्यमंत्री सतेज पाटिल की तरफ से बताया गया है कि एचडीआईएल व उसके ग्रुप की कंपनी बैंक की सबसे बड़े कर्जदार हैं.बैंक का वर्ष 2008 से लेकर वर्ष 2019 तक कुल 6121.07 करोड़ रुपये का लोन बकाया है. एचडीआईएल व उसके ग्रुप की कंपनी के कुल 44 बड़े अकाउंट थे. फर्जी कागजातों के आधार पर लोन दिए गए. इसकी जानकारी किसी को नहीं दी गयी.एचडीआईएल कंपनी की प्रापर्टी को मार्गेज कर लोन लिया गया था.इसमें पालघर, नायगांव, वसई, विरार क्षेत्र में  कंपनी की बड़ी प्रापर्टी है. इसमें से 14 वाहन, 2 एरोप्लेन को फौजदारी दंड प्रक्रिया के तहत जब्त किया गया है. यही नहीं राकेश वाधवान  व सारंग वाधवान का अलीबाग स्थित बंगला, जॉय थॉमस की पत्नी के नाम पुणे स्थित फ्लैट, इस मामले के आरोपी आरोपी सिंह के पंजाब के अमृतसर स्थित होटल को जब्त किया गया है.

घोटाले के 12 आरोपी जेल में 

अदालत ने एचडीआईएल कंपनी की 2 एरोप्लेन व एक यात्री जहाज को नीलाम करने की मंजूरी दी है.एचडीआईएल कंपनी की जिन संपत्तियों पर किसी तरह का कर्ज नहीं है उन्हें ढूंढने के लिए  एस. के. वेसती जिम नामक कंपनी की नियुक्ति की गयी है. पीएमसी बैंक घोटाले के 12 आरोपी जेल में हैं.