नवरात्रोत्सव के लिए नहीं लेनी होगी पुलिस की परमीशन

  • बीएमसी ने जारी की गाइडलाइन
  • गणेशोत्सव की तरह पालन करने होंगे नियम

मुंबई. कोरोना संकट के बीच आये नवरात्रोत्सव  को मनाने के लिए राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार बीएमसी ने भी मार्गदर्शक सूचना जारी कर दी है. गणेशोत्सव की तरह नवरात्रि में भी सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा. मूर्तिकारों के मंडप बनाने की अनुमति को सरल बनाया गया है, लेकिन उन्हें कोविड-19 के लिए शपथपत्र देना होगा. सार्वजनिक मंडलों को देवी की मूर्ति की उंचाई अधिकतम 4 फुट ही रखनी होगी. घरेलू मूर्तियां 2 फुट की रहेंगी.   

दर्शनों का लाभ ऑनलाइन ही लिया जा सकेगा

बीएमसी उपायुक्त हर्षद काले ने बताया कि देवी के दर्शनों का लाभ ऑनलाइन ही लिया जा सकेगा. सभी मंडपों में सेनिटाइज की व्यवस्था करने के साथ ही मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग का भी सख्ती के साथ पालन करना होगा. बार-बार हाथ धोने, 2 मीटर का अंतर रखना भी अनिवार्य होगा. गणेशोत्सव के लिए  मंडप बनाने के लिए जारी किए गए नियम नवरात्रोत्सव पर भी लागू रहेंगे.

30 सितंबर से परमीशन देने की प्रक्रिया शुरु 

30 सितंबर से मूर्तिकार मंडप के लिए निर्धारित शुल्क भरने के बाद परमीशन देने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है.  मूर्तिकारों के लिए समय की कमी, कोरोना वायरस के लिए किए जा प्रतिबंधित उपाय को ध्यान में रख कर  पुलिस परमीशन के लिए आंशिक बदलाव किया गया है.  पिछले वर्ष  जिन मूर्तिकारों को अनुमति दी गई थी इस वर्ष पुलिस परमीशन के लिए नहीं भेजकर, विभागीय स्तर पर जांच के उपरांत गत वर्ष पुलिस परमीशन को ही मंजूरी दी गई है.  पहली बार नई मूर्ति की स्थापना करने वालों को  परमीशन के लिए सभी प्रक्रियाएं पूरी करनी होगी. 

लिया जा रहा है शपथपत्र 

मूर्तिकारों से आवेदन के साथ ही शपथपत्र लिया जा रहा है. गणेशोत्सव के दौरान शपथपत्र के जो नमूना था उसे ही मान्य किया गया है. आवेदन करने वाले मूर्तिकारों को कोविड-19 के शपथपत्र पर विभागीय कार्यालय से हस्ताक्षर के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है. बीएमसी ने विभागीय कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे पारंपरिक मूर्तिकारों के अलावा किसी दूसरे मूर्तिकार मूर्ति बिक्री के लिए मंडप बनाने की अनुमति प्रदान न करें.