उत्तर महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण बदला

  • बीजेपी के कई पूर्व विधायक एनसीपी में हो सकते हैं शामिल
  • खड़से के बीजेपी छोड़ने से एनसीपी की ताकत बढ़ी

मुंबई. बीजेपी के दिग्गज नेता रहे एकनाथ खड़से के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल होने से महाराष्ट्र विशेषकर उत्तर महाराष्ट्र (खान्देश) में राजनीतिक समीकरण बदलने लगा है.आने वाले दिनों में बीजेपी के कई पूर्व विधायक और पार्टी के पदाधिकारी एनसीपी में शामिल हो सकते हैं. इस तरह का संकेत खुद खड़से ने दिया है. जिसका असर आने वाले मनपा और नपा चुनावों पर पड़ सकता है.

उत्तर महाराष्ट्र में विधानसभा की कुल 47 सीटें हैं. वर्ष 2019 के चुनाव में जहां बीजेपी की सीटें कम हुईं थी, वहीं एनसीपी  ने भाजपा और उस समय उसकी सहयोगी रही शिवसेना से सीटें छीनी थी. उत्तर महाराष्ट्र में एनसीपी के पास 14 विधायक हैं,जबकि बीजेपी के 15 विधायक हैं. एनसीपी के सहयोग से निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुआ था. अब पार्टी के कद्दावर नेता एकनाथ खड़से के एनसीपी  में शामिल होने से जलगांव और आस-पास के जिलों में एनसीपी  की ताकत बढ़ गई है. 

 बीजेपी के ओबीसी वोट बैंक में सेंध

पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के 15,एनसीपी  के 14, शिवसेना के 7 और कांग्रेस के 6 विधायक निर्वाचित हुए थे .अन्य सीटें निर्दलीय और अन्य के खाते में गईं थीं. जबकि वर्ष 2014 के चुनाव में उत्तर महाराष्ट्र में बीजेपी को 19 और एनसीपी को महज 8 सीटें मिली थीं. मराठा छत्रप शरद पवार ने एकनाथ खड़से को पार्टी में शामिल कर जहां उत्तर महाराष्ट्र में बीजेपी को कमजोर करने की कोशिश की है. वहीं उनका उपयोग कर बीजेपी के ओबीसी वोट बैंक में सेंध भी लगाया जाएगा.

खड़से ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया

एनसीपी में शामिल होने के बाद खड़से ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. खड़से के राष्ट्रवादी कांग्रेस में शामिल होने पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि उन्हें चॉकलेट मिलता है कि, लिमलेट की गोली ? इस पर खड़से ने चंद्रकांत पाटिल को करारा जवाब देते हुए कहा था कि विद्यार्थी परिषद से आने वाले चंद्रकांत पाटिल खुद के बल पर कोई चुनाव नहीं जीत सकते हैं. अब उन्होंने पलटवार करते हुए कहा है कि प्रवीण दरेकर और राधाकृष्ण विखे पाटिल को चॉकलेट दे कर लाए थे क्या? इसका मतलब साफ है कि यदि बीजेपी की तरफ से खड़से को छेड़ने की कोशिश की जाएगी, तो वे पलटवार जरूर करेंगे. इससे बीजेपी को नुकसान हो सकता है. कारण वे वर्षों तक बीजेपी में रहे हैं और सभी की हकीकत से अवगत हैं.

पूर्व विधायक करेंगे एनसीपी का काम

 हमारे साथ कितने निर्वाचित लोग आ रहे हैं, यह महत्वपूर्ण नहीं है. कितने लोगों को निर्वाचित करके ला सकता हूं, इसका महत्व है. हमारे साथ विधायक और सांसद पार्टी में नहीं आएंगे, लेकिन 10 से 12 पूर्व विधायक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का काम करेंगे.  – एकनाथ खड़से