मुंबई से 2 और रूट पर बुलेट ट्रेन की तैयारी, एनएचआरसीएल बना रही प्रोजेक्ट रिपोर्ट

    मुंबई. भूमि अधिग्रहण में बाधा आने के चलते मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना (Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Project) में भले ही देरी हो रही है, परंतु मुंबई (Mumbai) से हैदराबाद (Hyderabad) और मुंबई से नागपुर (Nagpur) के लिए बुलेट ट्रेन चलाने का नियोजन किया गया है।

    बताया गया है कि मुंबई से पुणे (Pune) होते हुए हैदराबाद एवं मुंबई से नाशिक होते हुए नागपुर तक बुलेट ट्रेन चलाए जाने को लेकर प्रोजेक्ट (Project)रिपोर्ट तैयार की जा रही है। नेशनल हाईस्पीड रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, आगामी 8 से 10 माह में उक्त दोनों मार्गों के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी।

    एरियल सर्वे

    मुंबई-पुणे-हैदराबाद तक लगभग 650 किमी के हाई स्पीड रेल मार्ग का लाइट डिटेक्शन एन्ड रेजिंग अथार्थ एरियल सर्वे शुरू किया गया है। बताया गया है कि इस तकनीक के तहत हवाई जहाज पर एरियल लिदार एवं इमेजनरी सेंसर लगा कर सर्वे किया जाता है। इससे मार्ग व जमीन की अचूक जानकारी मिलती है। इसी तरह एनएचआरसीएल की तरफ मुंबई-नाशिक-शिर्डी और नागपुर के बीच सर्वे किया जा रहा है। लगभग 736 किमी के इस मार्ग पर भी हवाई सर्वे किया जा रहा है। 8 से 10 माह में दोनों मार्गों की परियोजना रिपोर्ट केंद्र को सौंपी जाएगी। 

    ये होंगे मार्ग

    बुलेट ट्रेन का मार्ग मुंबई से ठाणे, शहापुर,इगतपुरी, नाशिक, शिर्डी, औरंगाबाद, जालना, मेहकर, जहांगीर, मालेगांव, कारंजालाड़, पुलगांव, खापरी वर्धा और नागपुर होगा। इसी तरह मुंबई से हैदराबाद बुलेट मार्ग को कामशेत, पुणे, बारामती, पंढरपुर, सोलापुर, गुलबर्गा से जोड़ा जाएगा।

    मुंबई-अहमदाबाद बुलेट परियोजना में बाधा

    पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट मुंबई-अहमदाबाद बुलेट परियोजना में सबसे बड़ी बाधा महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण में आ रही है। बताया गया है कि गुजरात की तरफ से तो परियोजना पर काम तेजी से हो रहा है, परंतु महाराष्ट्र के बीकेसी से लेकर ठाणे और पालघर जिलों में अब तक मात्र 22 से 24 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण हो पाया है। गुजरात में 95 प्रतिशत और दीव में शतप्रतिशत भूमि अधिग्रहण हो चुका है। पिछले 6-7 वर्षों से बुलेट ट्रेन पर काम हो रहा है। राज्य में सरकार बदलने के बाद भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरी तरह बंद जाने से बुलेट ट्रेन के काम में बाधा आ रही है।