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मुंबई. आरे में बनने वाले मेट्रो-3 कारशेड को स्क्रैप में डालने के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के फैसले के बाद मेट्रो लाइन-3 और 6 को जोड़ने में तकनीकी दिक्कत को दूर करने का प्रयास एमएमआरडीए ने शुरु कर दिया है. एमएमआरडीए सूत्रों के अनुसार एमएमआरडीए के साथ बैठक में कमिश्नर आर ए राजीव ने दोनों लाइनों को मर्ज करने पर कार्रवाई शुरु करने का आदेश दिया है. मर्ज करने का प्रक्रिया सोमवार से शुरु हो जाएगा. स्वामी समर्थ नगर अंधेरी से विक्रोली एलीवेटेड मेट्रो-6 जिसकी लंबाई 14.47 किमी है उसका डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का आदेश आर ए राजीव ने दिया है.  

मुख्यमंत्री ने दोनों लाइनों के लिए  कांजूरमार्ग स्थित 41एकड़ भूमि पर कॉमन कारशेड बनाने की घोषणा की है. कुलाबा-बांद्रा-सीप्ज भूमिगत मेट्रो-3 33.5 किमी लंबा है जिसे एमएमआरसीएल बना रही है. वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि आर ए राजीव ने दोनों लाइनों को एकीकृत करने के लिए डीपीआर बनाने का आदेश जारी कर दिया है. 

 दोनों लाइनों की डिजाइन अलग 

 दोनों लाइनों की डिजाइन अलग है. दोनों लाइनों आराम से चलाने के जरुरी है कि उनकी सिग्नलिंग और सिस्टम भी एक हो. इसलिए इन लाइनों में बदलाव किया जाना जरुरी है. मेट्रो लाइन-6 पर 6 कोच के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि मेट्रो-3 को 8 कोच के लिए डिजाइन किया गया है. कांजूरमार्ग स्टेशन तक जाने के लिए लाइन-6 के कुछ स्टेशनों की लंबाई 8 कोच तक बढ़ाने के साथ ही सिग्नलिंग व्यवस्था में भी बदलाव की आवश्यकता होगी. नया डीपीआर वर्तमान में दोनों लाइनों को जोड़ने में आने वाली तकनीकी दिक्कतें नये डीपीआर से दूर की जाएंगी. एमएमआरसीएल को भी कांजूरमार्ग तक मेट्रो ले जाने के लिए सीप्ज के पास 1.5 किमी एलीवेटेड मार्ग बनाना पड़ेगा. आरे में भूमिगत रेल के एक हिस्से को कार रेक तक ले जाने के लिए योजना बनाई गई थी.लेकिन अब एक रैंप को 500 मीटर की ऊंचाई पर रेक को ऊंचे वायडक्ट पर ले जाएगा.