Kishori Pednekar

    मुंबई. मुंबई (Mumbai) के करदाताओं पर प्रापर्टी टैक्स (Property Tax) वृद्धि की तलवार लटक रही है। वर्ष 2021 के सुधारित रेडीरेकनर की दर से प्रापर्टी टैक्स में वृद्धि का प्रस्ताव बीएमसी प्रशासन ने स्थायी समिति के समक्ष रखा था। जिससे टैक्स में 14% की वृद्धि होने वाली है। जिसका कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने विरोध किया था।

    जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए महापौर किशोरी पेडणेकर (Mayor Kishori Pednekar) ने कहा कि कोरोना संकट के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है इसलिए एक वर्ष तक प्रापर्टी टैक्स में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। 

    हम नहीं निभाते दोहरी भूमिका 

    प्रापर्टी टैक्स में हर पांच वर्ष में सुधार करने का मनपा कानून में प्रावधान है। 2020 में ही वृद्धि की जानी थी लेकिन कोविड के कारण सरकार ने वृद्धि को स्थगित कर दिया था। प्रापर्टी टैक्स वसूली का मामला सुप्रीम कोर्ट में प्रलंबित है। इसलिए बीएमसी ने प्रापर्टी टैक्स में सीधी वृद्धि न करके राज्य सरकार के रेडीरेकनर दर के अनुसार वृद्धि करने का प्रस्ताव रखा था। महापौर ने कहा कि प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों को भरोसे में लिए बिना यह प्रस्ताव दिया है। कोरोना से लोगों की कमर टूट गई है इसलिए टैक्स में वृद्धि कर उन्हें नहीं किया जाएगा। जब पत्रकारों ने महापौर से सवाल किया कि टैक्स वृद्धि से मुंबईकरों की नाराजगी के कारण वृद्धि नहीं की जा रही क्या? क्योंकि अगले वर्ष चुनाव है। इस पर महापौर ने कहा कि कोरोना का संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। हम ऐसी दोहरी भूमिका नहीं निभाते हैं।