पर्यावरण हानि रोकने में सीआर मक स्पेशल ट्रेन की भूमिका

ट्रैक से उठाया 95 हजार क्यूबिक मीटर कचरा

मुंबई. मध्य रेल ने न केवल स्टेशनों और उसके आसपास बल्कि रेलवे ट्रैक को साफ रखने के लिए  कई उपाय किए हैं. दुनिया के सबसे बड़े लगभग 336 किलोमीटर मुंबई उपनगरीय रेल  नेटवर्क का संचालन मध्य रेल करती है. चार काॅरीडोर में फैले  शहर के ट्रैक को साफ रख, कचरे को इकट्ठा करने और उसे ढोने के मध्य रेल विशेष रूप से मक स्पेशल ट्रेन चलाती है.सीएसएमटी से कल्याण के बीच मेन लाइन, हार्बर लाइन पर सीएसएमटी- मानखुर्द के बीच की पटरियों से 12 महीनों के दौरान 95000 क्यूबिक मीटर मक (कचरा) पटरियों से उठाया गया है.

रेल पटरियों के  किनारे कचरा डंप होने से ट्रैक ख़राब होने के साथ  ट्रैक के नीचे जल निकासी भी बंद होती है,जिससे मानसून के दौरान पटरियों पर जल-जमाव हो जाता है.ये स्वच्छता रथ (मक स्पेशल) मध्य-रात्रि के दौरान सेवाओं के कम होने या नहीं चलने के समय चलाई जाती हैं. लॉकडाउन के समय तो मध्य रेल ने दिन के दौरान भी स्वच्छता रथ को परिचालित किया है. कूड़े को साफ कर,उसे गनी बैग में पैक किया जाता है,जिसे स्पेशल ट्रेन में लोड किया जाता है.इस कार्य के लिए मध्य रेल की दो ईएमयू रेक मक स्पेशल  मेन लाइन और  हार्बर लाइन पर चलाई जाती है. इसके अलावा 3 बीआरएन (विशेष प्रकार के वैगनों) का संचालन किया जाता है, जब भी आवश्यक हो, जेसीबी मशीनों की मदद से मक को हटा दिया जाता है.इससे पर्यावरण को भी हानि नहीं पहुंचती.

केबीसी में मक स्पेशल पर सवाल

 कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के एंकर अमिताभ बच्चन ने मैग्सेसे अवार्ड विजेता प्रकाश बाबा आमटे और उनकी पत्नी मंदाकिनी आमटे से मुम्बई की  मक स्पेशल ट्रेन ’के बारे में 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि का सवाल पूछा.सही जवाब के साथ मक स्पेशल ट्रेन की चर्चा हुई.  मक स्पेशल का उपयोग  झोपड़ियों-झुग्गियों जैसे सीएसएमटी-कल्याण पर पारसिक टनल में दोनों तरफ, डोंबिवली स्टेशन,सीएसएमटी छोर,धीमी लोकल लाइन की ओर, विक्रोली,माटुंगा के बीच, धोबी घाट, सायन और धारावी के बीच सीएसएमटी-मस्जिद-सैंडहर्स्ट रोड के बीच का स्ट्रेच, हार्बर लाइन पर सीएसएमटी से मानखुर्द के बीच का रावली जंक्शन, वडाला-किंग्स सर्कल-माहिम, चेम्बूर और मानखुर्द के बीच,गुरु तेग बहादुर नगर और रावली जंक्शन  सेक्शन के बीच जैसे  स्थानों पर ज्यादातर किया जाता हैं.