BMC चुनाव पर मचा घमासान, बीजेपी पर भड़कीं महापौर

  • कांग्रेस अकेले ठोकेगी ताल

मुंबई. मुंबई महानगरपालिका चुनाव होने में एक वर्ष से ज्यादा का समय है, लेकिन चुनाव को लेकर अभी से राजनीतिक दलों के बीच घमासान छिड़ गया है. बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को मुंबई कार्यकारिणी की बैठक में ऐलान किया कि बीएमसी आगामी चुनाव के बाद बीजेपी का महापौर होगा. फडणवीस की इस घोषणा पर महापौर किशोरी पेड़णेकर बीजेपी पर भड़क गई हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने महाविकास आघाड़ी को धता बताते हुए बीएमसी चुनाव में अकेले ताल ठोंकने का ऐलान कर दिया है.

35 हजार करोड़ बजट वाली मुंबई महानगरपालिका की  सत्ता पर काबिज होने लिए बीजेपी कड़ी मेहनत कर रही है.   विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस की उपस्थिति में मुंबई में पदाधिकारियों की एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें  देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई मनपा पर भाजपा का भगवा फहराने की घोषणा की थी. बीजेपी के इस बयान पर मुंबई  की महापौर किशोरी पेडणेकर ने भड़कते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों से मुंबई मनपा की सत्ता में बैठक कर मलाई खाने वाले अब शिवसेना के खिलाफ ताल ठोंक रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम उनकी चुनौती स्वीकार करते हैं. पेडणेकर ने कहा कि यदि  राजा की जान तोते में अटकी है तो बीजेपी बताए उनकी जान कहां पर अटकी है.

देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना पर हमला करते हुए कहा था कि राजा की जान तोते में अटकी है. मतलब शिवसेना की जान बीएमसी में अटकी है. बीएमसी पर कब्जा हो गया तो राजा कुछ नहीं कर पाएगा. इसका जवाब पेडणेकर दे रही थीं.  बीजेपी ने आगामी मनपा चुनाव के लिए  अतुल भातखलकर को चुनाव प्रभारी बनाया है.  किशोरी पेडणेकर ने  इस पर व्यंग कसते हुए कहा कि मुंबई की जिम्मेदारी अतुल भातखलकर को दी गई है तो आशीष शेलार क्या करेंगे? पिछला मनपा चुनाव शेलार के नेतृत्व में लड़ा गया था, बीएमसी चुनाव को लेकर  उनका अध्ययन अच्छा है, फिर बीजेपी ने नेतृत्व में बदलाव क्यों किया.  यह बदलाव दिखाता है कि बीजेपी में बड़ा आंतरिक विवाद छिड़ा हुआ है.

शिवसेना बीजेपी के प्रति आक्रामक रुख अपनाया है. जबकि एमवीए की घटक दल राकां ने बीएमसी चुनाव गठबंधन के साथ लड़ने की बात कर रही है. इससे उलट  मुंबई कांग्रेस ने अपने दम पर मुंबई महानगर पालिका चुनाव लड़ने की घोषणा की है. बीएमसी में विरोधी पक्ष नेता नेता रवि राजा ने  कहा कि भले ही महाविकास आघाड़ी  में कांग्रेस, शिवसेना के साथ है, लेकिन बीएमसी चुनाव में कांग्रेस अपने  दम पर उतरने का फैसला किया है.  कांग्रेस की इस घोषणा से गठबंधन में हलचल मच गई है. इससे पहले, महाविकास अगाड़ी के नेताओं ने घोषणा की थी कि आगामी सभी चुनाव संयुक्त रूप से लड़े जाएंगे.  कांग्रेस को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का कहना है कि  शिवसेना के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का असर उसके परंपरागत मतदाताओं पर पड़ेगा. मुंबई में कांग्रेस की सीटें लगातार घटती जा रही हैं. यदि शिवसेना के साथ लड़ती है तो उसे बहुत कम सीट मिलेगी, इससे उसे और अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. अभी कांग्रेस के पास 27 नगरसेवक हैं. जिसमें अधिकतर मुस्लिम हैं.  बीएमसी का  चुनाव वर्ष 2022 में होने जा रहा है.  बीजेपी अभी से चुनावों के लिए के लिए मिशन मुंबई शुरु की है.

अतुल भातखलकर को बनाया प्रभारी

बीजेपी ने इस बार विधायक अतुल भातखलकर को मुंबई बीएमसी चुनाव के लिए प्रभारी बनाया है. प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल ने मुंबई कार्यकारिणी की बैठक में भातखलकर को प्रभारी बनाए जाने की घोषणा की है. मराठी भाषी भातखलकर मुंबई में मराठी वोटरों को लुभाने में कामयाब हो सकते हैं. इससे पहले आशीष शेलार के नेतृत्व में बीएमसी चुनाव लड़ा गया था, जिसमें बीएमसी में बीजेपी ने पहली बार 82 सीटें जीतने में कामयाब हुई थी. इस बार बीजेपी मुंबई बीएमसी की सत्ता से शिवसेना को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है. 

बीएमसी में महागठबंधन के तीनों दल मिल कर चुनाव लड़ेंगे. इस बारे में शिवसेना+राकां+कांग्रेस के नेता एक साथ बैठक कर विचार विमर्श करेंगे. बीजेपी  बीएमसी पर कब्जा करने की सोच रही है, हम तीनों दल साथ मिल कर लड़े तो उनकी सीटे और भी कम हो जाएंगी. मुंबई की जनता इस बार बीजेपी को समर्थन नहीं देगी. 

-जयंत पाटिल, प्रदेश अध्यक्ष, राकां