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  • कहा-प्रत्यक्ष रूप से बुलाई जाये स्थायी समिति की बैठक
  • जरूरत हो तो कराएं मतदान: कोर्ट

मुंबई. बीएमसी स्थायी समिति की ऑनलाइन बैठक और एक ही बैठक में लाए जा रहे 674 प्रस्ताव पर हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की है. बीजेपी की याचिका को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने बीएमसी को निर्देश दिया है कि वे सभी विषयों पर चर्चा के बाद ही प्रस्ताव को मंजूर करें. मतदान की जरूरत पड़ने पर मतदान के बाद ही प्रस्ताव को मंजूर करें. 

बुधवार दोपहर बाद समिति की बैठक से पहले कोर्ट का यह निर्देश शिवसेना के लिए झटका माना जा रहा है. कोई भी प्रस्ताव पास करने के लिए शिवसेना को सपा और राकां को साथ में रखना होगा. यदि किसी ने भी खिलाफ मतदान किया तो प्रस्ताव पास कराने में मुश्किल हो सकती है.

एक झटके में 674 प्रस्ताव पर नाराजगी

 बीजेपी स्थायी समिति में एक साथ लाए गए 674 प्रस्ताव पर नाराजगी जताई थी. भाजपा  ने भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए एक साथ इतनी बड़ी संख्या में विषय लेने का विरोध करते हुए  मुंबई हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपंकर दत्ता और न्यायाधीश कुलकर्णी की पीठ में मंगलवार को भाजपा की याचिका पर सुनवाई हुई.

सभी मुद्दे क्रमवार सुने जाएं : कोर्ट

कोर्ट ने स्थायी समिति को आदेश दिया कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा करने के बाद ही उसे मंजूर करें. कोर्ट ने यह भी कहा कि विषयों पर चर्चा के दौरान असहमति होने पर मतदान कराने के बाद ही दूसरे विषय को चर्चा पर लें. कोर्ट ने सभी विषयों को क्रम के अनुसार ही लेने का निर्देश दिया है. भाजपा ने स्थायी समिति की बैठक वीडियो कॉंफ्रेंसिंग से कराने का भी विरोध किया था. कोर्ट ने भाजपा की इस मांग पर  शाम 4,30 बजे दोबारा सुनवाई करने का समय दिया और राज्य सरकार के प्रतिनिधि को उपस्थित रहने का निर्देश दिया.

हमारी जीत हुई: बीजेपी

कोर्ट ने दोबारा सुनवाई में वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के द्वारा स्थायी समिति की बैठक का मनपा के निर्णय को ठुकराते हुए प्रत्यक्ष रूप से बैठक लेने का निर्देश दिया. भाजपा बीएमसी प्रवक्ता भालचंद्र शिरसाट ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि कोर्ट ने हमारी बात सुनी और स्थायी समिति की बैठक प्रत्यक्ष लेने का निर्देश दिया. सभी विषयों पर चर्चा कराने के बाद ही उसे मंजूर करने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा की यह बड़ी जीत है और कोरोना काल में मनपा प्रशासन और सत्ताधारी मिलाकर जो लूट किए है, उसका अब हम स्थायी समिति में  काला चिठ्ठा खोलेंगे और बीएमसी में हो रहे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएंगे.