वसई-विरार में आवारा कुत्तों का आतंक, 1 माह में 1735 लोगों को कुत्तों ने काटा

  • 2019 में 18, 268 घटनाएं आईं थीं सामने
  • 2020 के 8 माह में ही 13887 घटनाएं

राधा कृष्णन सिंह

नालासोपारा. वसई- विरार में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है. जनवरी से अगस्त माह के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में कुत्तों के काटने के कुल 13,887 मामले सामने आए हैं.आंकड़ों के अनुसार प्रतिमाह 1735 नागरिक आवारा कुत्तों के शिकार हुए हैं.  मनपा कुत्तों की नसबंदी के लिए सिर्फ एक केंद्र चलाकर इसे रोकना चाहती है. ऐसे में मनपा पर नागरिकों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही के आरोप लग रहे हैं.

लॉकडाउन में ज्यादा आक्रामक हुए कुत्ते

लॉकडाउन के दौरान लोगों के घरों से बाहर न निकलने के कारण सड़कों पर भटकने वाले कुत्तों को भोजन नहीं मिल पा रहा था, इससे ये कुत्ते ज्यादा आक्रामक हो गए. ऐसे में हजारों की संख्या में भटकने वाले कुत्ते नागरिकों पर हमला कर रहे हैं, जिससे ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार सड़कों पर भटकने वाले कुत्तों से नागरिक परेशान हैं.दोपहिया वाहनों के पीछे यह कुत्ते दौड़ते हैं जिसके कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं. बाजार जाने वाले छोटे बच्चे, महिलाएं, वृद्ध नागरिकों के मन में सड़कों पर घूमने वाले इन आवारा कुत्तों के काटने का भय बना रहता है. मनपा के अनुसार बीते वर्ष 2019 में कुत्तों के काटने की कुल 18, 268 घटनाएं हुई थीं. जबकि वर्ष 2020 के 8 माह में ही 13887 घटनाएं हो चुकी हैं.

नसबंदी पर लाखों रुपए खर्च 

कुत्तों के आतंक को रोकने के लिए कुत्तों की नसबंदी की जाती है. मनपा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बीते 3 वर्ष में 10, 255 कुत्तों की नसबंदी हुई है. एक कुत्ते की नसबंदी के लिए 996 रुपए खर्च होते हैं. नसबंदी के लिए मनपा ने बीते 3 वर्ष में लाखों रुपए खर्च किए हैं.उसके बावजूद अब भी मनपा की सड़कों पर हजारों की संख्या में आवारा कुत्ते घूमते नजर आ रहे हैं.

शहर से बाहर जाने पर डॉक्टरों का इनकार

मनपा के वसई नवघर मानिकपुर क्षेत्र स्थित एकमात्र नसबंदी केंद्र पर पूरा भार है. केंद्र के लिए मनपा ने 2 स्थान चिन्हित किए हैं, जिसमें प्रभाग समिति सी के विरार स्थित चंदनसार और दूसरा प्रभाग समिति ई में नालासोपारा स्थित निर्मल के अलावा तीसरा वसई में स्थान प्रस्तावित किया गया था. लेकिन तीनों स्थान शहर के बाहर होने के कारण डॉक्टरों ने वहां जाने से इंकार किया है. जिसको देखते हुए वर्तमान में चल रहे केंद्र के पुनर्निर्माण की तैयारी चल रही है. इसी आधार पर मनपा द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव फिलहाल ठंडे बस्ते में है.

नसबंदी केंद्र पर भारी दुर्व्यवस्था

वर्तमान में कार्य कर रहे वसई नवघर स्थित केंद्र में भारी दुर्व्यवस्था है. ठेका पद्धति पर चलाने के लिए दिए गए केंद्र पर मनमानी चल रही है. इस स्थान पर कुत्तों को पकड़ने के लिए मात्र एक वाहन है.गाड़ी पर काम करने वाले कर्मचारियों की भी कमी है. केंद्र में मात्र एक चिकित्सक है, जिसका समय भी निर्धारित नहीं रहता. जगह- जगह गंदगी का साम्राज्य है. कुत्तों को रखने वाले पिंजरे भी जर्जर अवस्था में हैं. नियमित साफ- सफाई भी नहीं होती. इतना ही नहीं जिन कुत्तों की नसबंदी की जाती है, उसके कान पर एक निशान लगाया जाता है, लेकिन निशान लगने वाली मशीन भी कई महीनों से खराब पड़ी है, इसके साथ ही कुत्तों का कान कैंची से काटने की जानकारी सामने आई है.

क्षेत्र में आवारा पशुओं की भरमार

वसई-विरार मनपा की विभिन्न सड़कों पर आवारा जानवरों की संख्या बढ़ रही है. सड़कों पर चलने वाले नागरिकों और वाहन चालकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. सड़कों पर आवारा पशु खुलेआम घूम रहे हैं.कभी-कभी बीच रास्ते में बैठे रहते हैं, जिससे उस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को दिक्कतें होती हैं जो दुर्घटना का कारण बनते हैं. वसई क्षेत्र में कई निजी तबेला हैं, जिसके मालिकों द्वारा चरने के लिए गाय, भैंसों को खुला छोड़ दिया जाता है. जो कभी-कभी सड़कों पर दौड़ते हुए राहगीरों को चोटिल कर देती हैं. दिन प्रतिदिन ऐसे जानवरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन मनपा द्वारा इसे नजरअंदाज किए जाने से नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. -सुरेन्द्र सिंह राज, अध्यक्ष, सत्यमेव जयते फाउंडेशन

शीघ्र शुरू होगा पुनर्निर्माण कार्य

मनपा ने 3 नसबंदी केंद्र का प्रस्ताव किया था. उसके लिए स्थान को भी चिन्हित किया गया था, लेकिन जिन स्थानों को चिन्हित किया गया है, वह शहर से दूर होने के कारण डॉक्टरों ने मांग की है कि उसे शहर के मध्य में रखा जाए. इसके लिए कार्य जारी है. इसके अलावा जो पुराना केंद्र चल रहा है, उसकी हालत बेहद जर्जर है. पुनर्निर्माण का कार्य आरम्भ होना है. इस पर लगभग 40 लाख रुपए खर्च होंगे. इस कार्य को जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा. – राजेंद्र लाड, मुख्य शहर अभियंता, वसई-विरार मनपा