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    सूरज पांडे

    मुंबई. राज्य में कोरोना महामारी (Corona Pandemic) ने किस कदर कहर बरपाया है इससे अब सब अवगत हो चुके हैं। कोरोना की दूसरी लहर (Second Wave) राज्य के लोगों के लिए और भी घातक साबित हुई है। इस दूसरी लहर में राज्य में रोजाना औसतन 21 लोगों की मौत (Death) हो रही है। एक्सपर्ट्स की माने तो इन आंकड़ों को देख हमें अब और भी सावधान होने की आवश्यकता है वरना तीसरी लहर और भी घातक साबित हो सकती है।

    10 फरवरी 2021 से महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर की शुरुआत हुई। देखते ही देखते कोरोना ने इस कदर अपना मकड़ जाल फैलाया की कोई जिला इससे अछूता नहीं रहा। महज 126 दिनों में 62764 लोगों की मौत वायरस से संक्रमित होने के कारण हुई है,जबकि पहली लहर यानी कि 9 मार्च 2020 से लेकर 9 फरवरी तक कुल 5130 लोगों की मौत दर्ज की गई। यदि उक्त आंकड़ों का आंकलन करें तो पहली लहर के रोजना औसतन 6 मौत प्रति घंटे हुई थी। 

    हमें सावधान होने की जरूरत 

    स्टेट कोविड टॉस्क फोर्स के सदस्य डॉ. ओम श्रीवास्तव ने बताया कि पहले ही तुलना में वायरस अब और तेजी से फैलता है। शुरुआत में तो यह घातक नहीं लग रहा था, लेकिन इसने हमें काफी नुकसान पहुंचाया है, जिसकी भरपाई हम अब भी कर रहे हैं। इन आंकड़ों को देख हमें सावधान होने की जरूरत है। जो गलती हमने पहली लहर के शांत होने के बाद कि थी उसे अब नहीं दोहराना है वरना एक बार फिर हमें उसी दौर से गुजरना पड़ सकता है और यह सभी के लिए तकलीफदायक होगा।

    मुंबई से आगे निकल गया पुणे

    कोरोना केसेस और उससे होनेवाली मौत के मामले में मुंबई से पुणे आगे निकल चुका है। मुंबई में 15 जून तक कुल 716351 लोग वायरस से संक्रमित हुए है, जिसमें से 15216 लोगों ने अपनी जान गवानी पड़ी है। जबकि पुणे में 1004382 लोग संक्रमित हुए हैं और 15593 लोगों की मौत हुई है।

    मौत के टॉप 5 जिले 

    जिला    मौत
    पुणे  15593
    मुंबई 15216
    ठाणे  9837
    नागपुर 8148
    नाशिक 6595

    मृत्यु दर 2 प्रतिशत के करीब

    राज्य में एक समय ऐसा भी था जब कोरोना की मृत्यु दर 1.5 प्रतिशत के नीचे चली गई थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों में मौत की सूची में इतने नाम जुड़े और संख्या में ऐसा इजाफा हुआ है कि मृत्यु दर 1.93 प्रतिशत तक पहुंच गया है। राज्य में अब भी रोजाना हो रही मौत की संख्या 200 से अधिक है।

    सबसे खराब मृत्यु दर में तीसरा स्थान

    कोरोना से होनेवाली मौत के मामले में राज्य तीसरे स्थान पर है। सबसे खराब मृत्यु दर पंजाब 2.66 प्रतिशत, दूसरे स्थान पर उत्तराखंड 2.07 प्रतिशत और 1.93 प्रतिशत के साथ महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है।

    राज्य में पहली की तुलना में रोजाना होनेवाले मौतों के आंकड़ों में कमी आई है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से ग्रामीण में पहले हुए मौत के आंकड़े भी लिस्ट में जुड़ रहे हैं, जिसकी वजह से मौत की कुल संख्या तेजी से बढ़ रही है। मौत का बड़ा कारण ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों का इंफ्रास्ट्रक्चर उतना सशक्त नहीं है और कुछ हद तक डॉक्टरों में भी अनुभव की कमी है। इसके लिए हम निरंतर डॉक्टरों के चर्चा करते हैं। राज्य सरकार को भी अब हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करना होगा।

    -डॉ. अविनाश सुपे, अध्यक्ष, डेथ रिव्यु कमिटी एवं निदेश हिंदुजा अस्पताल खार