मेट्रो-3 मार्ग पर पटरी बिछाने का काम शुरु

  • प्रोजेक्ट का 87% काम पूरा, पर कारशेड का पता नहीं

मुंबई. अंधेरी सीप्ज से कुलाबा तक जाने वाले 33.5 किलोमीटर लंबी अंडर ग्राउंड मेट्रो-3 के कंस्ट्रक्शन का काम जोरों से चल रहा है और इसका निर्माण का 87% काम पूरा कर लिया गया है. 

पटरी बिछाने के लिए जरूरी फ्लैश, वेल्डिंग मशीन मुंबई में आने के बाद इस मशीन से छत्रपती शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के मेट्रो स्टेशन पर पटरी बिछाने का काम भी शनिवार से शुरु हो गया. पर यक्ष प्रश्न यही बना हुआ है कि सैकड़ों करोड़ रुपये फूंकने के बाद भी कारशेड कहां बनेगा, क्योंकि अभी तक सरकार ने इसके जगह के बारे कोई फैसला नहीं लिया है. 

अमेरिका से आई मशीन   

पटरी बिछाने के लिए जटिल से जटिल काम करने वाली फ्लैश बट वेल्डिंग मशीन अमेरिका से मंगाई गई है. इस मशीन का उपयोग कर ट्रैकों का अलाइनमेंट, प्री-हिटिंग, फ्लैशिंग, फोर्जिंग, स्ट्रीपिंग और एयर-क्वेंचिंग की जा रही है. मेट्रो-3 परियोजना के कुल 2 फ्लैश बट वेल्डिंग मशीन का उपयोग किया जाना है. मेट्रो बनाने वाली कंपनी एमएमआरसीएल के प्रबंधन निदेशक रणजीत सिंह देओल ने बताया कि वेल्डिंग के लिए सभी पैरामीटर्स पहले ही तय कर लिए जाते हैं. 33.5 किमी लंबे इस मार्ग की वेल्डिंग 11 स्थानों पर करने का नियोजन है. उन्होंने यह भी बताया कि एक मशीन नवंबर के आखिर में मुंबई पहुंचेगी. इस मशीन का संचालन ऑटो मोड में किया जाता है. फ्लैश बट वेल्डिंग मशीन की सहायता से 18 मीटर लंबे हेड हार्डेंड पटरी को वेल्डिंग करके एक अखंडित पटरी बनाई जाएगी. इससे यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाया जा सकेगा. 

कारशेड ही अब सबसे बड़ा सरदर्द 

गौरतलब है कि 3 सितंबर को राज्य सरकार ने आरे के 600 एकड़ भूमि को रिजर्व वन क्षेत्र घोषित कर दिया था और आरे में बन रहे मेट्रो कारशेड पर रोक लगा दी थी. अब तक कारशेड के प्रोजेक्ट पर 450 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. 8 अक्टूबर को अधिसूचना जारी कर दी गई. इस अधिसूचना के बाद आरे में कारशेड बनाने की सारी संभावनाएं समाप्त हो गई. एमएमआरसीएल के ठेकेदार ने आरे में कारशेड बनाने के लिए लगाई गई मशीनरी को हटाने का काम भी शुरु कर दिया है. छोटे-छोटे सामानों को हटा दिया गया है, लेकिन बड़े सामानों को हटा कर कहां ले जाएं, यह उनके लिए समस्या बन गया है. अभी तक यह भी नहीं बताया गया है कि समान को कहां शिफ्ट किया जाएगा. कारशेड बनाने के लिए  कांजूरमार्ग और पहाड़ी गोरेगांव इन 2 जगहों पर मंथन चल रहा है फिलहाल अभी तय नहीं हो सका है कि इन 2 जगहों में से कारशेड कहां बनेगा.

जापान से लाई जा रही पटरी  

एमएमआरसीएल के परियोजना निदेशक सुबोध कुमार गुप्ता ने बताया कि मेट्रो-3 परियोजना के लिए कुल 10,740 टन हेड हार्डेंड पटरी की जरूरत है, जिसमें से अब तक 8,366 टन पटरी मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को प्राप्त हुआ है. बची हुई पटरी जल्द ही जापान से मुंबई पहुंच जाएगी. जापान की कंपनी मित्सुई से पटरी का आयात किया जा रहा है. मेट्रो- 3 मार्ग के कंस्ट्रक्शन का 60% और भूमिगत मार्ग का 87% काम पूरा हो गया है. भूमिगत मार्ग का 13% काम बचा है जिसे 9 चरणों में पूरा किया जा रहा है.